भारत के सामने गिड़गिड़ाने लगा अमेरिका... ईरान ने रूसी तेल को लेकर ट्रंप पर कसा तंज, जानें क्या कहा?

रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर ईरान ने अमेरिका और उसके नेतृत्व पर तंज कसा है.

Iran takes a jibe at Trump over Russian oil US pleading in front of India
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रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर ईरान ने अमेरिका और उसके नेतृत्व पर तंज कसा है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि कुछ समय पहले तक अमेरिका भारत पर रूस से तेल आयात बंद करने का दबाव बना रहा था, लेकिन अब हालात बदलते दिख रहे हैं.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि कई महीनों तक अमेरिका भारत को चेतावनी देता रहा कि वह रूस से तेल खरीदना बंद करे. लेकिन ईरान के साथ जारी संघर्ष और बढ़ते ऊर्जा संकट के बीच अब वही अमेरिका दुनिया से, यहां तक कि भारत से भी, रूसी कच्चा तेल खरीदने की बात कर रहा है.

यूरोपीय देशों पर भी निशाना

अरागची ने यूरोपीय देशों की भी आलोचना की. उनका कहना है कि यूरोप ने ईरान के खिलाफ जिस युद्ध का समर्थन किया है, वह गलत फैसला है. उनके अनुसार यूरोप को उम्मीद थी कि अमेरिका का साथ देने से उसे रूस के खिलाफ ज्यादा समर्थन मिलेगा, लेकिन यह सोच कमजोर और निराशाजनक साबित हो सकती है.

उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट भी साझा की, जिसमें बताया गया कि तेल की बढ़ती कीमतों से रूस की कमाई बढ़ रही है.

100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा कच्चा तेल

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हुई है. इसी वजह से कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है.

तेल बाजार को स्थिर रखने के लिए अमेरिका ने रूस के तेल सेक्टर पर लगे कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी राहत देने का फैसला किया है. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 30 दिनों की छूट दी है, जिसके तहत पहले से जहाजों में लोड किए गए रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की डिलीवरी और बिक्री की अनुमति दी गई है. यह छूट 11 अप्रैल तक लागू रहेगी.

पहले भी दी गई थी अस्थायी राहत

इससे पहले 5 मार्च को भी अमेरिका ने 30 दिन की छूट दी थी, जिससे भारत को समुद्र में फंसे रूसी तेल के कार्गो खरीदने की अनुमति मिल गई थी. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह कदम केवल तेल बाजार को स्थिर रखने के लिए उठाया गया है और इसका उद्देश्य रूस को बड़ा आर्थिक फायदा पहुंचाना नहीं है.

इस बीच खबर है कि ईरान ने भारत के झंडे वाले दो एलपीजी जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है. भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने कहा कि भारत और ईरान मित्र देश हैं, इसलिए भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा.

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