'यह वेनेजुएला नहीं...' ट्रंप के दूत को ईरान ने दिया करारा जवाब, अराघची ने खोला बातचीत का राज

Iran US War: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ हुई बातचीत को लेकर बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि जब उनकी और ईरान के एक अन्य अधिकारी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ से बातचीत चल रही थी, उस समय माहौल बेहद तनावपूर्ण था.

Iran gives a stern reply to Trump envoy Araghchi reveals details of the talks
Image Source: Social Media


Iran US War: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ हुई बातचीत को लेकर बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि जब उनकी और ईरान के एक अन्य अधिकारी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ से बातचीत चल रही थी, उस समय माहौल बेहद तनावपूर्ण था. उनके मुताबिक हर पल ऐसा लग रहा था कि कभी भी बमबारी हो सकती है.

अराघची ने बताया कि बातचीत के दौरान उन्होंने विटकॉफ से पूछा था कि क्या वह कभी ऐसी स्थिति में बातचीत का हिस्सा बने हैं, जहां हर समय हमले का खतरा बना रहता हो. हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि वह किस जगह या किस दौर की बातचीत का जिक्र कर रहे थे.

'ईरान धमकियों से डरने वाला देश नहीं'

अराघची ने कहा कि ईरान अमेरिकी दबाव या धमकियों से डरने वाला नहीं है. उन्होंने कहा कि ईरान की तुलना वेनेजुएला से नहीं की जा सकती, जहां किसी एक व्यक्ति पर कार्रवाई कर पूरे सिस्टम को प्रभावित किया जा सके. उनके मुताबिक ईरान किसी भी दबाव में झुकने वाला देश नहीं है.

औपचारिक बातचीत नहीं मानता तेहरान

ईरान का कहना है कि अमेरिका के साथ जो संपर्क हुआ, उसे औपचारिक बातचीत नहीं माना जा सकता. अराघची ने एक इंटरव्यू में कहा कि तेहरान ने कभी भी अमेरिकी दबाव के आगे झुकने का फैसला नहीं किया और आगे भी ऐसा नहीं करेगा.

कई दौर में हुई दोनों पक्षों की मुलाकात

अराघची और स्टीव विटकॉफ के बीच संपर्क परमाणु मुद्दे पर शुरू हुई बातचीत के दौरान बना. पहला दौर 6 फरवरी को ओमान की राजधानी मस्कट में हुआ था. उस समय दोनों पक्षों के बीच ओमान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी और दिन के अंत में दोनों नेताओं की संक्षिप्त आमने-सामने की मुलाकात भी हुई.

इसके बाद मस्कट और रोम में बातचीत के कई और दौर हुए. पांचवें दौर की बैठक यूरोप में प्रस्तावित थी, जबकि बाद में जिनेवा में भी दोनों की मुलाकात हुई. इसके बाद क्षेत्र में युद्ध शुरू होने से हालात बदल गए.

कई देशों में हुई बातचीत

रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में अराघची ने पाकिस्तान के अधिकारियों की मध्यस्थता में विटकॉफ और जेरेड कुशनर से मुलाकात के लिए इस्लामाबाद का दौरा किया. इसके अलावा मस्को और अन्य जगहों पर भी संपर्क बना रहा. औपचारिक बैठकों के अलावा दोनों पक्षों के बीच सीधे टेक्स्ट मैसेज के जरिए भी बातचीत जारी रही, जिससे संपर्क का एक अलग चैनल बना रहा.

ये भी पढ़ें- कल से संसद का मानसून सत्र शुरू, PM मोदी कर सकते हैं मीडिया को संबोधित, जानें किन बड़े बिलों पर होगी चर्चा