Iran CODE-100: मध्य पूर्व में तनाव के बीच ईरान की सैन्य तैयारियों को लेकर बड़ा दावा सामने आया है. शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने अपनी सशस्त्र सेनाओं के लिए ‘Code 100’ नाम का सबसे ऊंचा अलर्ट जारी किया है. इसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC), नियमित सेना और सुरक्षा बल शामिल हैं. हालांकि, इस दावे की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
‘Code 100’ को लेकर सामने आई रिपोर्टों के बाद क्षेत्र में हलचल बढ़ गई है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैंप डेविड में अपना वीकेंड प्रवास छोटा कर दिया और व्हाइट हाउस लौट आए. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भी अमेरिका दौरे को छोटा करने की खबर सामने आई है. अमेरिका ने मध्य पूर्व में मौजूद अपने मिशनों के जरिए नागरिकों को सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है.
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर ‘Code 100’ की रिपोर्ट सही है तो यह ईरान की सैन्य तैयारियों के बेहद ऊंचे स्तर का संकेत हो सकता है. हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इसका मतलब किसी बड़े सैन्य संघर्ष की शुरुआत है. ट्रंप की अचानक वापसी और क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा चेतावनियों के बीच आने वाले समय में स्थिति पर नजर बनी हुई है.
क्या है ‘Code 100’ अलर्ट?
‘Code 100’ को लेकर सामने आई रिपोर्टों में इसे ईरान की सबसे ऊंची सैन्य सतर्कता बताया गया है. इसके लागू होने पर सशस्त्र बलों को किसी संभावित खतरे के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा जाता है. इसमें IRGC, सेना और सुरक्षा बल शामिल बताए जा रहे हैं.
इस तरह के अलर्ट में सैनिकों को युद्ध जैसी स्थिति के लिए तैयार रखा जा सकता है. संचार व्यवस्था को मजबूत किया जाता है और संभावित हमले या जवाबी कार्रवाई के लिए सेना को तुरंत प्रतिक्रिया देने की स्थिति में रखा जाता है.
सरल शब्दों में कहें तो यह संकेत हो सकता है कि ईरान किसी बड़े खतरे की आशंका को देखते हुए अपनी सैन्य तैयारियां बढ़ा रहा है. हालांकि, मौजूदा रिपोर्टों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इसके आधार पर किसी बड़े हमले की संभावना को तय मानना सही नहीं होगा.
ट्रंप-नेतन्याहू दोनों ने बदला प्लान
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने कैंप डेविड में अपना वीकेंड प्रवास छोटा कर दिया और शनिवार को ही व्हाइट हाउस लौट आए. इसी दौरान नेतन्याहू के भी अमेरिका दौरे को छोटा कर इजरायल लौटने की खबर सामने आई. अमेरिकी दूतावासों और मिशनों ने क्षेत्र में मौजूद नागरिकों को संभावित उड़ान रद्द होने, हवाई क्षेत्र बंद होने और दूसरी दिक्कतों को लेकर सतर्क किया है.
ये घटनाक्रम ऐसे समय हो रहे हैं, जब मध्य पूर्व में पहले से ही तनाव बना हुआ है और सऊदी अरब के रियाद पर हूती हमले के बाद हालात और संवेदनशील हो गए हैं. अब सबकी नजर इस बात पर है कि ईरान की सैन्य तैयारियों और अमेरिका की प्रतिक्रिया के बीच स्थिति आगे किस दिशा में जाती है.
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