पाकिस्तान के साथ भारत नहीं खेलेगा मैच! केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, जानें पूरा मामला

IND vs PAK: भारत ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के हितों से बड़ा कोई खेल आयोजन नहीं हो सकता. केंद्र सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट रूप से घोषणा की कि पाकिस्तान के साथ अब किसी भी परिस्थिति में द्विपक्षीय खेल आयोजन नहीं होंगे, न भारत में, न पाकिस्तान में और न ही किसी तटस्थ स्थल पर.

India will not play match with Pakistan Big decision of the central government
Image Source: ANI/ File

IND vs PAK: भारत ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के हितों से बड़ा कोई खेल आयोजन नहीं हो सकता. केंद्र सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट रूप से घोषणा की कि पाकिस्तान के साथ अब किसी भी परिस्थिति में द्विपक्षीय खेल आयोजन नहीं होंगे, न भारत में, न पाकिस्तान में और न ही किसी तटस्थ स्थल पर.

खेल मंत्रालय द्वारा जारी इस नई नीति में बताया गया है कि यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होगा. भारत की इस नीति से यह साफ हो गया है कि जब तक पाकिस्तान अपने रुख में बदलाव नहीं लाता और क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में जिम्मेदारी नहीं निभाता, तब तक भारत खेल जैसे मंच पर भी कोई “सामान्यीकरण” नहीं करेगा.

बहुपक्षीय टूर्नामेंटों में छूट, पर सीमा तय

हालांकि, यह निर्णय केवल द्विपक्षीय प्रतियोगिताओं पर लागू होगा. बहुपक्षीय आयोजनों में भारत अपनी भागीदारी जारी रखेगा, जैसे कि आगामी एशिया कप टी20 टूर्नामेंट, जो सितंबर में यूएई में आयोजित किया जाना है. चूंकि यह एक अंतरराष्ट्रीय बहु-देशीय टूर्नामेंट है, इसलिए भारतीय टीम इसमें भाग लेगी.

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी, "नई नीति के तहत भारतीय खिलाड़ियों को पाकिस्तान की यात्रा की अनुमति नहीं होगी और न ही पाकिस्तानी खिलाड़ियों को भारत में किसी द्विपक्षीय आयोजन में भाग लेने दिया जाएगा."

'संभावना नहीं के बराबर' 

जब पूछा गया कि क्या भविष्य में यदि हालात सुधरें तो इस नीति की समीक्षा हो सकती है, तो अधिकारी का उत्तर सख्त था, “इसकी संभावना निकट भविष्य में बेहद कम है.” यह रुख स्पष्ट रूप से इस संदेश को पुष्ट करता है कि भारत अब किसी भी रूप में पाकिस्तान को "नॉर्मलाइज़" करने का अवसर नहीं देगा, खासकर तब जब दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण रिश्ते बने हुए हैं.

अंतरराष्ट्रीय छवि का भी रखा गया ध्यान

भारत अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी जिम्मेदार और निष्पक्ष छवि बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. इसी वजह से बहुपक्षीय आयोजनों में भागीदारी जारी रहेगी. उदाहरण के लिए, यदि भारत किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी करता है, तो पाकिस्तान की टीम को वीजा और भागीदारी की अनुमति दी जाएगी, जैसा कि बिहार में होने वाले एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट के लिए हुआ था. हालांकि, पाकिस्तानी टीम ने सुरक्षा कारणों से आने से इनकार कर दिया.

ओलंपिक जैसे आयोजनों पर फोकस, वीज़ा प्रक्रिया में सुधार

भारत ने 2030 राष्ट्रमंडल खेल और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में प्रयास तेज कर दिए हैं. ऐसे में सरकार ओलंपिक चार्टर के पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. इसके तहत अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए वीज़ा प्रक्रिया को सरल करने की भी घोषणा की गई है. मल्टी-एंट्री वीज़ा अब प्राथमिकता से जारी किया जाएगा, जिसकी वैधता अधिकतम पांच वर्षों तक रहेगी.

यह भी पढ़ें- जेलेंस्की और ट्रंप के उड़े होश! पुतिन ने रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने को लेकर रख दी बड़ी शर्त, कहा- अगर शांति चाहते हो तो...