जेलेंस्की और ट्रंप के उड़े होश! पुतिन ने रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने को लेकर रख दी बड़ी शर्त, कहा- अगर शांति चाहते हो तो...

Russia Ukraine Ceasefire: यूक्रेन और रूस के बीच दो साल से अधिक समय से जारी संघर्ष के बीच अब शांति की संभावनाएं धीरे-धीरे उभरती दिख रही हैं. इसी क्रम में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन को लेकर अपनी तीन मुख्य शर्तों को सार्वजनिक किया है.

Zelensky and Trump were shocked! Putin placed a big condition to stop the Russia-Ukraine war
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Russia Ukraine Ceasefire: यूक्रेन और रूस के बीच दो साल से अधिक समय से जारी संघर्ष के बीच अब शांति की संभावनाएं धीरे-धीरे उभरती दिख रही हैं. इसी क्रम में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन को लेकर अपनी तीन मुख्य शर्तों को सार्वजनिक किया है. पुतिन ने कहा है कि यदि यूक्रेन पूर्वी डोनबास क्षेत्र से अपनी सेना हटा ले, नाटो में शामिल होने की योजना को त्याग दे और तटस्थता की नीति अपनाए, तो रूस एक संभावित युद्धविराम पर विचार कर सकता है.

रूस की ये नई प्रस्तावित शर्तें ऐसे समय पर सामने आई हैं जब कुछ ही दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पुतिन के बीच अलास्का में एक ऐतिहासिक मुलाकात हुई थी. चार साल बाद हुई इस रूस-अमेरिका शिखर वार्ता के दौरान यूक्रेन मुद्दा चर्चा का अहम केंद्र रहा. हालांकि, दोनों देशों ने बातचीत की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक पुतिन ने अमेरिकी पक्ष को अपनी मांगों की एक विस्तृत सूची सौंप दी थी.

पूर्व की तुलना में नरम दिखे पुतिन

गौरतलब है कि जून 2024 में पुतिन ने चार यूक्रेनी प्रांतों, डोनबास के डोंटेस्क और लुहान्स्क, तथा दक्षिणी यूक्रेन के खेरसॉन और जापोरिज्जिया को पूरी तरह रूस को सौंपने की मांग की थी. उस समय यूक्रेन ने इसे पूर्ण आत्मसमर्पण की तरह मानते हुए सिरे से खारिज कर दिया था. लेकिन अब के प्रस्ताव में पुतिन इन चारों में से दो क्षेत्रों पर नियंत्रण बनाए रखने और बाकी क्षेत्रों में संघर्ष विराम की बात कर रहे हैं, जो एक प्रकार की रणनीतिक लचीलापन दर्शाता है.

आंशिक वापसी और नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश

रूस चाहता है कि यूक्रेन डोनबास के उन हिस्सों को भी खाली कर दे, जिन पर अब तक उसका नियंत्रण है. बदले में, रूस ज़ापोरिज्जिया और खेरसॉन में अपने मौजूदा अग्रिम मोर्चे पर युद्ध रोकने के लिए तैयार है. अमेरिकी खुफिया और ओपन-सोर्स रिपोर्टों के मुताबिक, रूस इस समय डोनबास के लगभग 88% और जापोरिज्जिया व खेरसॉन के 73% हिस्से पर नियंत्रण बनाए हुए है.

नाटो पर रूस का सख्त रुख बरकरार

हालांकि, पुतिन अभी भी अपनी एक अहम मांग पर अडिग हैं, यूक्रेन को नाटो में शामिल नहीं किया जाए. उन्होंने अमेरिका से कानूनी रूप से बाध्यकारी गारंटी की मांग की है कि पश्चिमी सैन्य गठबंधन पूर्व की ओर और विस्तार नहीं करेगा. इसके अलावा, पुतिन यह भी चाहते हैं कि किसी भी समझौते के तहत यूक्रेन की ज़मीन पर कोई पश्चिमी सैनिक शांति सेना के नाम पर भी तैनात न हो.

क्या वाकई संभव है शांति समझौता?

अब सभी की निगाहें अमेरिका और यूरोपीय देशों पर टिकी हैं कि वे रूस की इन नई शर्तों को कैसे देखते हैं. वहीं, यूक्रेन के लिए यह एक कठिन विकल्प है, क्या वह अपनी ज़मीन छोड़कर युद्ध को रोकने की दिशा में आगे बढ़ेगा, या फिर संघर्ष को जारी रखेगा? शांति की राह आसान नहीं, लेकिन संवाद की शुरुआत उम्मीद जरूर जगाती है.

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