भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बीच सिंधु जल संधि को लेकर भी सवाल बने हुए हैं. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने इस संधि को फिलहाल रोक दिया था. अब राज्यसभा में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे के सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने साफ किया है कि पाकिस्तान को सिंधु नदी प्रणाली का पानी कब तक मिल पाएगा. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सिंधु जल संधि तब तक रुकी रहेगी, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन पूरी तरह बंद करने की दिशा में भरोसेमंद कदम नहीं उठाता.
राज्यसभा में भारत-पाकिस्तान के बीच मौजूदा संपर्क और सिंधु जल संधि की स्थिति को लेकर सवाल पूछा गया था. विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने कई राजनयिक कदम उठाए थे. सिंधु जल संधि को रोकना भी इन्हीं फैसलों में शामिल था. सरकार ने साफ किया कि यह स्थिति तब तक जारी रहेगी, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के समर्थन को खत्म करने के लिए ठोस और भरोसेमंद कदम नहीं उठाता.
पाकिस्तान को पानी कब मिलेगा?
सरकार के जवाब के मुताबिक, फिलहाल कोई तय तारीख नहीं बताई गई है. सिंधु जल संधि को दोबारा लागू करने का फैसला पाकिस्तान के सीमा पार आतंकवाद को लेकर उठाए जाने वाले कदमों पर निर्भर करेगा. यानी इस संधि के तहत पानी से जुड़ी पुरानी व्यवस्था कब फिर शुरू होगी, यह अभी तय नहीं है. सरकार ने संधि को किसी निश्चित तारीख पर बहाल करने की बात नहीं कही है.
भारत-पाकिस्तान के बीच संपर्क पूरी तरह बंद नहीं
सिंधु जल संधि रोके जाने के बावजूद भारत और पाकिस्तान के बीच सभी संपर्क खत्म नहीं हुए हैं. सरकार ने संसद में बताया कि दोनों देशों के राजनयिक मिशन अब भी एक-दूसरे की राजधानियों में मौजूद हैं. इसके अलावा कुछ जरूरी संपर्क भी जारी हैं. इनमें डीजीएमओ स्तर की बातचीत, बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण की पहले से जानकारी देना, परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान और एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद कैदियों की सूची साझा करना शामिल है.
ट्रैक-2 बातचीत पर भी सरकार ने साफ की स्थिति
संसद में यह भी पूछा गया कि क्या रिटायर्ड भारतीय राजनयिक, सैन्य अधिकारी या सिविल सोसाइटी से जुड़े लोग पाकिस्तान के साथ ट्रैक-2 बातचीत कर रहे हैं. सरकार ने कहा कि दोनों देशों के थिंक टैंक और शिक्षाविदों के बीच होने वाली बातचीत सरकार के आधिकारिक दायरे में नहीं आती. जो लोग ऐसी बातचीत में हिस्सा लेते हैं, वे अपनी निजी हैसियत में ऐसा करते हैं. उनके विचारों को भारत सरकार का आधिकारिक रुख नहीं माना जाता.
सिंधु जल संधि पर सरकार का रुख अहम
सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच पानी के बंटवारे से जुड़ी अहम व्यवस्था है. ऐसे में सरकार का मौजूदा रुख दोनों देशों के रिश्तों में पानी के मुद्दे की अहमियत दिखाता है. हालांकि, सरकार ने अपने जवाब में किसी खास नदी या राज्य को मिलने वाले पानी की अलग से जानकारी नहीं दी है.
ये भी पढ़ें- जिस विमान पर होने वाला था हमला, उसमें क्यों बैठे मार्को रुबियो? जानें क्या था ट्रंप को बचाने का प्लान