भारत बन रहा डील मेकर! EU-अमेरिका के बाद अब इन 6 मुस्लिम देशों के साथ होगा FTA, जानें क्यों है अहम

GCC FTA: भारत लगातार विश्व के अलग-अलग देशों के साथ फ्री ट्रेड डील करने में लगा है. पहले यूरोपिय यूनियन और फिर अमेरिका के साथ ट्रेड डील की घोषणा को भारत के बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है.

India is becoming a deal maker EU-America now there will be FTA with Gulf Cooperation Council
Image Source: Social Media

GCC FTA: भारत लगातार विश्व के अलग-अलग देशों के साथ फ्री ट्रेड डील करने में लगा है. पहले यूरोपिय यूनियन और फिर अमेरिका के साथ ट्रेड डील की घोषणा को भारत के बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है. अब इस बीच भारत एक साथ 6 मुस्लिम देशों के साथ जल्द ही ट्रेड डील साइन करने वाला है.

भारत ने गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के साथ फ्री ट्रेड डील करने को लेकर आधिकारिक बातचीत शुरू कर दी है. 5 फरवरी 2026 को वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने  इससे संबधित एक समारोह की अध्यक्षता की और FTA के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस पर साइन कर दिए. 

इन 6 देशों का ग्रुप है GCC

GCC 6 मुस्लिम देशों के एक गठबंधन है, जिसमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन शमिल हैं. भारत और GCC के बीच पहले से ही बड़ी मात्रा में व्यापार होता रहा है. साल 2024-25 में दोनों देशों के बीच करीब 178. 7 विलियन डॉलर का व्यापार हुआ था. GCC को भारत के लिए सबसे बड़ा ट्रेडिंग ब्लॉक माना जाता है, जो EU, ASEAN, अमेरिका या चीन से भी बड़ा है. यही कराण है कि अब भारत की नजर GCC के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने पर है. 

5 फरवरी को हुए समारोह में इसकी एक झलक भी देखने को मिली. पीयूष गोयल ने ToR पर साइन करने के बाद कहा, "हम 5000 वर्षों से व्यापार कर रहे हैं. हमें और अधिक मजबूत व्यापारिक व्यवस्थाएं बनानी चाहिए. पूर्वानुमान और निवेश लाएगा. GCC को हमारे युवा और स्किल्ड लोग कई प्रोडक्ट्स दे सकते हैं."

GCC से FTA करने से भारत को क्या होगा फायदा?

  • GCC के साथ अगर फ्री ट्रेड डील हो जाती है तो इससे भारतीय सामान इन 6 मुस्लिम देशों में काफी सस्ता हो जाएगा. इसके अलावा ड्यूटी और नॉन-बैरियर्स भी हट जाएंगे.
  • दोनों के बीच निवेश बढ़ेगा, जिससे नीतियों में स्थिरता आएगी.
  • तेल-गैस को लेकर भारत को सिक्योरिटी  मिलेगी. 
  • भारत सबसे बड़ा अनाज उत्पादक है, ऐसे में GCC को फूड सिक्योरिटी मिलेगी. 
  • पेट्रोकेमिकल, IT जैसे सेक्टरों में नए अवसर खुलेंगे.
  • GCC देशों में काम करने वाले करीब 1 करोड़ भारतीयों को फायदा मिलेगा. 

भारत-GCC के बीच  कितना होता है व्यापार?

  • भारत इस वक्त GCC को 57 अरब डॉलर का निर्यात करता है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, केमिकल्स, आभूषण, लोहा जैसे सामान शामिल है. 
  • इसके उलट GCC से भारत में करीब 121.7 अरब डॉलर का निर्यात होता है, जिसका बड़ा हिस्सा क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस का है. 
  • अगर दोनों देशों के बीच व्यापार की बढ़ोत्तरी को देखे तो जहां भारत का निर्यात सिर्फ 1% बढ़ा है तो वहीं GCC का निर्यात 15.33% बढ़ा है. 
  • इससे साफ-साफ ये झलका रहा है कि भारत को GCC के साथ व्यापार घाटा झेलना पड़ा रहा है. FTA हो जाने के बाद इसमें बड़ा सुधार देखने को मिलेगा. 

ये भी पढ़ें- WPL Prize Money 2026: स्मृति मंधाना की RCB पर हुई पैसों की बारिश, रनर-अप को भी मिली मोटी रकम