GCC FTA: भारत लगातार विश्व के अलग-अलग देशों के साथ फ्री ट्रेड डील करने में लगा है. पहले यूरोपिय यूनियन और फिर अमेरिका के साथ ट्रेड डील की घोषणा को भारत के बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है. अब इस बीच भारत एक साथ 6 मुस्लिम देशों के साथ जल्द ही ट्रेड डील साइन करने वाला है.
भारत ने गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के साथ फ्री ट्रेड डील करने को लेकर आधिकारिक बातचीत शुरू कर दी है. 5 फरवरी 2026 को वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इससे संबधित एक समारोह की अध्यक्षता की और FTA के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस पर साइन कर दिए.
#WATCH दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में GCC (6 अरब देश- बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और UAE) के साथ टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) पर साइन किए गए। pic.twitter.com/CGUep31vTW
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 5, 2026
इन 6 देशों का ग्रुप है GCC
GCC 6 मुस्लिम देशों के एक गठबंधन है, जिसमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन शमिल हैं. भारत और GCC के बीच पहले से ही बड़ी मात्रा में व्यापार होता रहा है. साल 2024-25 में दोनों देशों के बीच करीब 178. 7 विलियन डॉलर का व्यापार हुआ था. GCC को भारत के लिए सबसे बड़ा ट्रेडिंग ब्लॉक माना जाता है, जो EU, ASEAN, अमेरिका या चीन से भी बड़ा है. यही कराण है कि अब भारत की नजर GCC के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने पर है.
5 फरवरी को हुए समारोह में इसकी एक झलक भी देखने को मिली. पीयूष गोयल ने ToR पर साइन करने के बाद कहा, "हम 5000 वर्षों से व्यापार कर रहे हैं. हमें और अधिक मजबूत व्यापारिक व्यवस्थाएं बनानी चाहिए. पूर्वानुमान और निवेश लाएगा. GCC को हमारे युवा और स्किल्ड लोग कई प्रोडक्ट्स दे सकते हैं."
GCC से FTA करने से भारत को क्या होगा फायदा?
भारत-GCC के बीच कितना होता है व्यापार?
ये भी पढ़ें- WPL Prize Money 2026: स्मृति मंधाना की RCB पर हुई पैसों की बारिश, रनर-अप को भी मिली मोटी रकम