India Indonesia Sabang Port Project: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया दौरे के दौरान भारत और इंडोनेशिया के रिश्तों को नई मजबूती देने की बात कही. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दोनों देश सिर्फ दिल से ही नहीं, बल्कि भौगोलिक रूप से भी एक-दूसरे के बेहद करीब हैं. उन्होंने यह भी कहा कि भारत और इंडोनेशिया का रिश्ता समुद्र से जुड़ा हुआ है और दोनों देशों के लिए समुद्री सहयोग काफी अहम है.
पीएम मोदी ने अपने भाषण में विस्तारवाद का जिक्र करते हुए कहा कि भारत हमेशा विकास के रास्ते पर चलता है, न कि किसी दूसरे देश की जमीन या क्षेत्र पर कब्जा करने की सोच रखता है. हालांकि उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को चीन के लिए एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है.
संसद में विकास और साझेदारी पर दिया जोर
इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया लोकतांत्रिक मूल्यों और आपसी विश्वास से जुड़े हुए देश हैं. दोनों देश मिलकर विकास, व्यापार, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए लगातार काम कर रहे हैं. बाद में जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भी उन्होंने दोनों देशों की नजदीकी और मजबूत रिश्तों का जिक्र किया.
सबांग पोर्ट पर साथ मिलकर करेंगे काम
इस दौरे के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने सुमात्रा द्वीप के उत्तरी हिस्से में स्थित सबांग पोर्ट के संयुक्त विकास पर सहमति जताई है. यह बंदरगाह मलक्का जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार के पास स्थित है और भारत के प्रस्तावित ग्रेट निकोबार ट्रांस-शिपमेंट पोर्ट से करीब 160 किलोमीटर की दूरी पर है.
रणनीतिक नजरिए से यह इलाका काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. मलक्का जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है और चीन का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होने वाले व्यापार और तेल आयात पर निर्भर करता है.
मलक्का जलडमरूमध्य का बढ़ रहा महत्व
विशेषज्ञों के अनुसार, चीन के कच्चे तेल के आयात का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है. इसके अलावा चीन के अधिकतर व्यापारिक जहाज भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में भारत और इंडोनेशिया के बीच समुद्री सहयोग बढ़ना पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए अहम माना जा रहा है. इससे समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक संपर्क को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है.
भारत की विकास यात्रा का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया दोनों तेजी से आगे बढ़ने वाले देश हैं और विकास की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी जैसे कठिन समय में भी भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रही. पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद देश की विकास गति नहीं रुकी.
पीएम मोदी ने कहा कि यह बदलाव लगातार किए गए सुधारों और बेहतर कामकाज का परिणाम है. उन्होंने कहा कि भारत ने कई बड़े सुधार किए हैं और उसी का असर है कि आज देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
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