दुनिया में दहशत की साजिश! भारत, अमेरिका, यूरोप... पूरी दुनिया में पैर पसार रहा ISKP, तालिबान को बताया कमजोर

पाकिस्तान आधारित आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस (ISKP) ने एक बार फिर अपने खतरनाक इरादों का खुलासा किया है.

India America Europe ISKP Taliban
प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo: ANI

पाकिस्तान आधारित आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस (ISKP) ने एक बार फिर अपने खतरनाक इरादों का खुलासा किया है. हाल ही में जारी की गई इस संगठन की नई पत्रिका में आतंकवाद का एक ऐसा वैश्विक नक्शा सामने आया है, जो दुनिया के कई हिस्सों के लिए चिंता का कारण बन चुका है. इस पत्रिका में अफगानिस्तान, तालिबान, और वैश्विक शक्तियों को निशाना बनाते हुए ISKP ने अपने खतरनाक अभियान को और भी विस्तार से बताया है.

आतंकवाद का नया चेहरा

इस पत्रिका में ISKP ने तालिबान के लड़ाकों से अपील की है कि वे उनके संगठन का हिस्सा बनकर खलीफा की लड़ाई में शामिल हों. संगठन ने तालिबान पर हमला करते हुए कहा कि वह अब कमजोर हो चुका है और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ISKP ही एकमात्र विकल्प है. इस अपील ने तालिबान के भीतर एक नई चुनौती उत्पन्न कर दी है, और यह इस बात का संकेत है कि आतंकवादी संगठन के भीतर आंतरिक ताकतवर संघर्ष बढ़ सकता है.

एक खतरनाक रणनीति

ISKP की पत्रिका में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संगठन ने यूरोप, अमेरिका, चीन, रूस और भारत को अपनी जंग का नया मैदान बना लिया है. तुर्की के रास्ते यूरोप और फिर अमेरिका तक पहुंचने की योजना को लेकर उन्होंने अपने इरादे जाहिर किए हैं. साथ ही, खुरासान को अपना गढ़ मानते हुए, चीन और रूस में अपने पैर जमाने की बात कही गई है. यह पहली बार है जब ISKP ने इतनी स्पष्टता के साथ अपनी अंतरराष्ट्रीय रणनीति का खुलासा किया है.

भारत के लिए विशेष चिंता

भारत के संदर्भ में, पत्रिका में कश्मीर का उल्लेख किया गया है, जो भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए खतरे की घंटी है. ISKP ने कश्मीरी मुसलमानों को समर्थन देने का वादा किया है, जिससे यह साफ है कि संगठन भारत में अशांति फैलाने की योजना बना रहा है. भारतीय खुफिया एजेंसियां इस खतरे को गंभीरता से ले रही हैं और इसकी हर गतिविधि पर नज़र बनाए हुए हैं.

वैश्विक चिंताएं और संभावित परिणाम

इस पत्रिका में तालिबान के खिलाफ आलोचना करते हुए यह दावा किया गया है कि तालिबान पश्चिमी देशों के इशारों पर काम कर रहा है. वहीं, सीरिया के नए राष्ट्रपति अबू मोहम्मद अल जुलानी पर भी तीखा हमला किया गया है, जो अमेरिका और पश्चिम के प्रति अपनी नजदीकी दिखा रहे हैं. इस सबके मद्देनजर, ISKP की खुली धमकी वैश्विक शांति के लिए एक गंभीर खतरा बन चुकी है.

ये भी पढ़ेंः पाकिस्तान में क्यों तैनात हुआ चीन का लड़ाकू हेलीकॉप्टर Z-10ME? भारत के अपाचे से खौफ में मुनीर सेना!