'आतंकी' बनकर आतंकियों का किया खात्मा...क्या धुरंधर के हमजा का मेजर मोहित शर्मा से है कनेक्शन?

Major Mohit Sharma Dhurandhar: हाल के दिनों में सिनेमाघरों में उतरी फिल्म ‘धुरंधर’ दर्शकों के बीच खासा असर छोड़ती नजर आ रही है. दमदार एक्शन, रहस्यमयी मिशन और देशभक्ति की भावना से भरपूर इस फिल्म को देखने के बाद कई लोगों के मन में एक जाना-पहचाना चेहरा उभर आया है. 

Major Mohit Sharma Dhurandhar know real story and connection with hamja singh ranveer singh character
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Major Mohit Sharma Dhurandhar: हाल के दिनों में सिनेमाघरों में उतरी फिल्म ‘धुरंधर’ दर्शकों के बीच खासा असर छोड़ती नजर आ रही है. दमदार एक्शन, रहस्यमयी मिशन और देशभक्ति की भावना से भरपूर इस फिल्म को देखने के बाद कई लोगों के मन में एक जाना-पहचाना चेहरा उभर आया है. 

सोशल मीडिया पर चर्चा तेज है कि रणवीर सिंह की यह भूमिका कहीं न कहीं एक सच्चे युद्ध नायक की कहानी से जुड़ी हुई लगती है. इसी कड़ी में शहीद मेजर मोहित शर्मा का नाम बार-बार सामने आ रहा है. हालांकि, फिल्म निर्माताओं ने साफ तौर पर कहा है कि यह किसी भी वास्तविक सैन्य अधिकारी की बायोपिक नहीं है, बल्कि पूरी तरह काल्पनिक कहानी पर आधारित है.

कौन थे शहीद मेजर मोहित शर्मा

मेजर मोहित शर्मा भारतीय सेना की पैरा स्पेशल फोर्स के जांबाज कमांडो थे, जिनकी वीरता आज भी प्रेरणा का स्रोत मानी जाती है. अदम्य साहस और असाधारण रणनीतिक कौशल के लिए उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च शांति कालीन वीरता सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया गया. उनका नाम खास तौर पर ‘ऑपरेशन इफ्तिकार भट्ट’ के लिए जाना जाता है, जिसने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक अहम अध्याय जोड़ा.

आतंकियों के बीच रहकर किया दुश्मनों का सफाया

इस ऑपरेशन के दौरान मेजर मोहित शर्मा ने बेहद जोखिम भरा रास्ता चुना. उन्होंने आतंकवादी संगठन में अपनी पहचान छिपाकर घुसपैठ की और लंबे समय तक उनके बीच रहकर विश्वास हासिल किया. सही समय आने पर उन्होंने हिजबुल मुजाहिदीन के दो खतरनाक आतंकियों को मार गिराया. इस साहसिक अभियान ने उनकी रणनीतिक समझ और निडरता को पूरे देश के सामने उजागर कर दिया. इस असाधारण बहादुरी के लिए सेना ने उन्हें विशेष सम्मान से नवाजा.

कुपवाड़ा में आखिरी मुकाबला

मार्च 2009 में जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में एक बड़े काउंटर टेरर ऑपरेशन के दौरान मेजर मोहित शर्मा ने अपनी टीम का नेतृत्व किया. इस मुठभेड़ में उन्होंने कई आतंकियों को ढेर किया, लेकिन ऑपरेशन के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए. मात्र 31 वर्ष की उम्र में देश के लिए लड़ते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया और अमर हो गए.

हरियाणा से सेना तक का सफर

मेजर मोहित शर्मा का जन्म हरियाणा के रोहतक में हुआ था. शुरुआती पढ़ाई उन्होंने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में की. इंडियन मिलिट्री एकेडमी से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद दिसंबर 1999 में वह भारतीय सेना में अधिकारी बने. बाद में उन्होंने पैरा स्पेशल फोर्स को चुना और कई बेहद गोपनीय और जोखिम भरे अभियानों का हिस्सा रहे.

फिल्म ‘धुरंधर’ से क्यों जोड़ा जा रहा है उनका नाम

रणवीर सिंह द्वारा निभाया गया किरदार—एक अंडरकवर जासूस, जो दुश्मनों के बीच रहकर मिशन को अंजाम देता है. दर्शकों को मेजर मोहित शर्मा की असल जिंदगी की घटनाओं की याद दिला रहा है. फिल्म में दिखाया गया रफ-टफ लुक, स्पेशल फोर्स जैसी बॉडी लैंग्वेज और मिशन की रणनीति, मेजर शर्मा की सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तस्वीरों और किस्सों से काफी मेल खाती है. यही वजह है कि लोग दोनों के बीच समानताएं तलाश रहे हैं. हालांकि, यह स्पष्ट कर दिया गया है कि ‘धुरंधर’ किसी वास्तविक घटना या व्यक्ति पर आधारित नहीं है. फिर भी, फिल्म ने एक बार फिर देश के उन गुमनाम नायकों को याद करने का मौका जरूर दे दिया है, जिन्होंने तिरंगे की शान के लिए अपनी जान न्योछावर कर दी.

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