India Afghanistan Relations: 'भारत और अफगानिस्तान का DNA एक...', अफगान मंत्री के इस बयान से पाकिस्तान की बढ़ेगी बेचैनी!

India Afghanistan Relations: भारत दौरे पर आए अफगानिस्तान के कृषि मंत्री मौलवी अताउल्लाह ओमरी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों की सराहना करते हुए कहा कि भारत और अफगानिस्तान का जुड़ाव सदियों पुराना है.

India Afghanistan share the same DNA this statement by an Afghan minister has heightened Pakistan anxiety
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India Afghanistan Relations: भारत और अफगानिस्तान के बीच संबंधों को लेकर अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई एवं पशुपालन मंत्री मौलवी अताउल्लाह ओमरी ने बड़ा बयान दिया है. भारत यात्रा पर आए ओमरी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों की खुलकर प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत और अफगानिस्तान के लोगों के बीच गहरा जुड़ाव है. उन्होंने कहा कि भारत आने के बाद उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वे अपने ही देश और अपने लोगों के बीच मौजूद हों. नई दिल्ली में आयोजित इंडिया-अफगानिस्तान ट्रेड अपॉर्च्युनिटीज इंडस्ट्री इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह उनका पहला भारत दौरा है और यहां मिले सम्मान तथा आत्मीयता ने उन्हें काफी प्रभावित किया.

'भारत में मिला अपनापन कभी नहीं भूलूंगा'

अफगान मंत्री ने कहा कि भारत पहुंचने के पहले दिन से ही उन्हें सरकार, विदेश मंत्रालय और विभिन्न प्रतिनिधियों की ओर से बेहद गर्मजोशी से स्वागत मिला. उनके मुताबिक, भारत की मेहमाननवाजी ने उन्हें अपनेपन का एहसास कराया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों का रिश्ता केवल राजनीतिक या कूटनीतिक नहीं है, बल्कि यह साझा इतिहास, संस्कृति और सभ्यता की मजबूत नींव पर टिका हुआ है. इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि भारत और अफगानिस्तान का जुड़ाव बेहद गहरा है और दोनों समाजों के बीच लंबे समय से सांस्कृतिक संबंध रहे हैं.

कृषि और तकनीक में भारत से सहयोग की उम्मीद

मौलवी अताउल्लाह ओमरी ने कहा कि अफगानिस्तान की बड़ी आबादी आज भी कृषि, सिंचाई और पशुपालन पर निर्भर है. ऐसे में इन क्षेत्रों को आधुनिक तकनीक और बेहतर संसाधनों से जोड़ना समय की आवश्यकता है. उन्होंने भारतीय उद्योग जगत और निवेशकों से अपील की कि वे कृषि तकनीक, खाद्य प्रसंस्करण, सिंचाई व्यवस्था, कौशल विकास और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में अफगानिस्तान के साथ सहयोग बढ़ाएं. उनका कहना था कि इससे अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा.

भारत की मेहमाननवाजी को बताया उम्मीद की नई किरण

अफगान मंत्री ने भारत में मिले सम्मान को अफगानिस्तान के लोगों के लिए सकारात्मक संदेश बताया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ने से विकास और आर्थिक प्रगति के नए अवसर खुल सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान वैश्विक स्तर पर विभिन्न देशों के साथ आर्थिक साझेदारी मजबूत करना चाहता है और भारत इस दिशा में एक महत्वपूर्ण सहयोगी की भूमिका निभा सकता है.

क्षेत्रीय हालात के बीच बढ़ रहे भारत-अफगानिस्तान संबंध

अफगान मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा विवाद, सुरक्षा चुनौतियों और राजनीतिक मतभेदों को लेकर तनाव बना हुआ है. ऐसे माहौल में भारत और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते संवाद और सहयोग को क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ते संपर्क भविष्य में व्यापार, विकास और मानवीय सहयोग को नई दिशा दे सकते हैं.

संयुक्त समिति की बैठक में कई अहम मुद्दों पर बनी सहमति

हाल ही में नई दिल्ली में भारत-अफगानिस्तान संयुक्त समिति (Joint Committee) की चौथी बैठक भी आयोजित की गई. इस बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने द्विपक्षीय सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की. बैठक के दौरान मानवीय सहायता, विकास परियोजनाओं, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, खेल, व्यापार, आर्थिक सहयोग और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति बनी. दोनों देशों ने भविष्य में इन क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई.

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