PM Modi New Zealand Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे के दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. जारी संयुक्त बयान के अनुसार, भारत और न्यूजीलैंड ने समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए नई मैरीटाइम कोऑपरेशन अरेंजमेंट (Maritime Cooperation Arrangement) पर सहमति जताई है. इसके अलावा समुद्री अभियानों और रक्षा सहयोग को बेहतर बनाने के उद्देश्य से म्यूचुअल लॉजिस्टिक सपोर्ट अरेंजमेंट तैयार करने पर भी सहमति बनी है.
PM Narendra Modi shares glimpses of the ceremonial welcome he received at the Government House in Auckland, New Zealand.
— ANI (@ANI) July 11, 2026
In his tweet, he writes, "Honoured to receive a ceremonial welcome at Government House in Auckland. The traditional Māori pōwhiri was a moving reflection of… pic.twitter.com/OusyVMWTW3
हर साल होगी समुद्री सुरक्षा पर विशेष वार्ता
दोनों देशों ने निर्णय लिया है कि अब भारत और न्यूजीलैंड के बीच हर वर्ष मैरीटाइम सिक्योरिटी डायलॉग आयोजित किया जाएगा. इस वार्ता के माध्यम से समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय चुनौतियों और रणनीतिक सहयोग से जुड़े विषयों पर नियमित चर्चा होगी. साथ ही रक्षा मंत्रालयों और तीनों सेनाओं के बीच भी निरंतर संवाद और समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया है.
आतंकवाद और साइबर सुरक्षा पर बढ़ेगा सहयोग
बैठक के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों ने वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की. भारत और न्यूजीलैंड ने आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रयासों को मजबूत करने तथा साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई. दोनों देशों ने इस दिशा में क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करने की इच्छा भी जताई, ताकि वैश्विक शांति और सुरक्षा को मजबूत किया जा सके.
CTF-150 के तहत जारी रहेगा समन्वय
संयुक्त बयान में कॉम्बाइंड टास्क फोर्स-150 (CTF-150) के तहत दोनों देशों के सहयोग का भी उल्लेख किया गया. यह बहुराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा अभियान मध्य पूर्व और पश्चिमी हिंद महासागर क्षेत्र में अवैध समुद्री गतिविधियों, मादक पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद से जुड़े नेटवर्क पर निगरानी रखने का कार्य करता है. भारत और न्यूजीलैंड ने इस मिशन के तहत अब तक हुए सहयोग की सराहना की और भविष्य में भी समन्वय बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की.
रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया विस्तार
दोनों देशों के बीच हुए इन समझौतों को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते रणनीतिक सहयोग के रूप में देखा जा रहा है. समुद्री सुरक्षा, रक्षा समन्वय, लॉजिस्टिक सहयोग और आतंकवाद विरोधी प्रयासों पर बनी सहमति से भारत और न्यूजीलैंड की साझेदारी को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है. यह पहल क्षेत्रीय स्थिरता, सुरक्षित समुद्री मार्गों और साझा सुरक्षा हितों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
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