IND vs ZIM: भारतीय क्रिकेट टीम के प्रदर्शन पर हमेशा फैंस, मीडिया और क्रिकेट एक्सपर्ट्स की नजर रहती है. कौन खिलाड़ी कैसा प्रदर्शन कर रहा है और टीम के लिए कितना योगदान दे रहा है, इस पर लगातार चर्चा होती रहती है.
हालांकि, इस समय टीम इंडिया के प्रदर्शन से ज्यादा खिलाड़ियों की फिटनेस चिंता का कारण बन गई है. लगातार कई खिलाड़ी चोट की वजह से परेशान हो रहे हैं. अब इस लिस्ट में युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव का नाम भी जुड़ गया है, जो जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मैच के दौरान चोटिल हो गए.
शानदार गेंदबाजी के बाद चोटिल हुए प्रिंस यादव
भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 219 रन का बड़ा स्कोर बनाया. इसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम ने तेज शुरुआत करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने जल्द वापसी कर ली.
यश ठाकुर ने ब्रायन बेनेट को आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई. इसके बाद युवा गेंदबाज प्रिंस यादव ने शानदार गेंदबाजी करते हुए दो विकेट अपने नाम किए. लेकिन अपना दूसरा विकेट लेने के तुरंत बाद ही प्रिंस चोटिल हो गए.
ओवर के बीच में ही मैदान छोड़ना पड़ा
जिम्बाब्वे की पारी के सातवें ओवर में प्रिंस यादव ने कप्तान सिकंदर रजा को आउट किया. इसके बाद जब वह अगली गेंद डालने के लिए रनअप लेने लगे तो अचानक उनके पैर में दर्द शुरू हो गया.
वह रनअप के बीच में ही रुक गए और उनके चेहरे पर दर्द साफ दिखाई दे रहा था. माना जा रहा है कि उन्हें हैमस्ट्रिंग की परेशानी हुई है. चोट के कारण प्रिंस को अपना ओवर पूरा किए बिना ही मैदान छोड़ना पड़ा. उनकी बची हुई चार गेंदें शिवम दुबे ने पूरी कीं. इस मैच में प्रिंस ने सिर्फ 8 गेंदें ही डालीं, लेकिन उनकी चोट ने टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ा दी है.
दो हफ्तों में तीसरे खिलाड़ी को लगी चोट
प्रिंस यादव पिछले कुछ समय में चोटिल होने वाले तीसरे भारतीय खिलाड़ी हैं. इससे पहले इंग्लैंड दौरे पर हर्षित राणा और वॉशिंगटन सुंदर भी चोट की वजह से टीम से बाहर हुए थे. लगातार खिलाड़ियों के चोटिल होने से भारतीय टीम की फिटनेस व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं.
कम अनुभव में चोट ने बढ़ाई चिंता
प्रिंस यादव का अंतरराष्ट्रीय करियर अभी ज्यादा लंबा नहीं हुआ है. उन्होंने करीब 40 दिन पहले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था और यह उनका सिर्फ नौवां मुकाबला था. इतने कम समय में हैमस्ट्रिंग जैसी चोट लगना टीम के लिए चिंता की बात है.
अब भारतीय टीम प्रबंधन उनकी चोट की जांच और रिकवरी पर नजर रखेगा.लगातार बढ़ती चोटों को लेकर बीसीसीआई भी पहले अपनी चिंता जाहिर कर चुका है. अब टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती खिलाड़ियों की फिटनेस बनाए रखना है, ताकि बड़े मुकाबलों से पहले टीम पूरी ताकत के साथ मैदान पर उतर सके.
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