12 हेलीकॉप्टर, 100 स्पेशल कमांडर और घंटों की मेहनत... लापता पायलट को ईरान से कैसे बचा ले गया अमेरिका?

ईरान में गिराए गए अमेरिकी लड़ाकू विमान एफ-15ई स्ट्राइक ईगल के दोनों क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकालने के लिए अमेरिका ने बेहद बड़ा और जोखिम भरा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया.

How did America rescue the missing pilot from Iran helicopters commanders
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

US Rescued Fighter Jet Pilots: ईरान में गिराए गए अमेरिकी लड़ाकू विमान एफ-15ई स्ट्राइक ईगल के दोनों क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकालने के लिए अमेरिका ने बेहद बड़ा और जोखिम भरा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. इस मिशन में अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने दुश्मन के इलाके में घुसकर अपने लापता पायलट को ढूंढ निकाला और उसे सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की.

रिपोर्ट्स के अनुसार, दूसरा पायलट जो पहले लापता था, उसे भी खोज लिया गया है. हालांकि आधिकारिक रूप से ऑपरेशन पूरी तरह खत्म होने की पुष्टि अभी बाकी बताई जा रही है.

भारी खतरे के बीच चला रेस्क्यू मिशन

यह ऑपरेशन आसान नहीं था. जिस इलाके में विमान गिरा था, वहां लगातार खतरा बना हुआ था.

बताया जा रहा है कि रेस्क्यू के दौरान अमेरिकी हेलीकॉप्टरों पर ईरानी सुरक्षाबलों की ओर से गोलीबारी भी की गई. इसके बावजूद अमेरिकी टीम ने हिम्मत नहीं हारी और अपने साथी को बचाने के लिए लगातार प्रयास जारी रखा.

कई वीडियो में यह भी देखा गया कि हेलीकॉप्टर गोलीबारी से बचते हुए मिशन को अंजाम दे रहे थे. आखिरकार तमाम मुश्किलों को पार करते हुए पायलट को सुरक्षित निकाल लिया गया.

100 कमांडो और 12 हेलीकॉप्टर की तैनाती

अमेरिका ने इस मिशन को बेहद गंभीरता से लिया और अपनी पूरी ताकत इसमें झोंक दी.

  • करीब 100 स्पेशल कमांडो ऑपरेशन में शामिल किए गए
  • 12 हेलीकॉप्टरों को तैनात किया गया
  • पूरे इलाके की निगरानी लगातार की जाती रही

घंटों की मेहनत और रणनीतिक कार्रवाई के बाद दूसरे पायलट को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. पहला पायलट पहले ही बचा लिया गया था.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस सफल ऑपरेशन की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने बेहद कठिन परिस्थितियों में अपने अधिकारी को बचाने के लिए बड़ा अभियान चलाया. पायलट दुश्मन के इलाके में फंसा हुआ था और लगातार खतरे में था, लेकिन सेना उसकी लोकेशन पर लगातार नजर रखे हुए थी.

ट्रंप के अनुसार, उनके निर्देश पर कई विमान और आधुनिक हथियार तैनात किए गए, जिनकी मदद से पायलट को सुरक्षित बाहर निकाला गया. उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली बार है जब दुश्मन के इलाके से दो अमेरिकी पायलटों को अलग-अलग ऑपरेशन में सफलतापूर्वक बचाया गया है.

1979 की असफलता से सीख

यह मिशन अमेरिका के लिए सिर्फ एक रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं था, बल्कि उसकी प्रतिष्ठा से भी जुड़ा हुआ था.

दरअसल, 1979-80 में ईरान में अमेरिकी दूतावास संकट के दौरान अमेरिका ने ऑपरेशन ईगल क्लॉ नाम का मिशन चलाया था, जो पूरी तरह असफल रहा था.

  • खराब मौसम और तकनीकी खराबी के कारण हेलीकॉप्टर काम नहीं कर पाए
  • एक हेलीकॉप्टर और विमान की टक्कर में 8 सैनिकों की मौत हो गई
  • मिशन बीच में ही रोकना पड़ा

इस असफलता ने अमेरिका की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाया था. उस घटना के बाद अमेरिका ने अपनी स्पेशल फोर्सेज और रेस्क्यू ऑपरेशन की रणनीति में बड़े बदलाव किए.

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