होर्मुज खुलेगा, परमाणु खतरा टलेगा... अमेरिका-ईरान के बीच हुई डील! ट्रंप ने किया जंग खत्म होने का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक समझौते के मसौदे पर सहमति बन गई है.

Hormuz to open Deal struck between US and Iran Trump claims war is over
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US-Iran Peace Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक समझौते के मसौदे पर सहमति बन गई है. ट्रंप के मुताबिक अगर यह डील पूरी हो जाती है तो दुनिया पर मंडरा रहा युद्ध का खतरा काफी हद तक टल सकता है. उन्होंने बताया कि अमेरिका ईरान पर बड़ा हमला करने की पूरी तैयारी कर चुका था, लेकिन आखिरी समय में समझौते की वजह से हमला रोक दिया गया.

हमला रोककर चुना बातचीत का रास्ता

ट्रंप ने कहा कि मिडिल ईस्ट के सहयोगी देश ईरान के साथ पिछले पांच महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करने पर सहमत हुए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल वह ईरान पर किसी नए हमले का आदेश नहीं देंगे. उनके मुताबिक अमेरिका बड़ी सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार था, लेकिन जैसे ही यह जानकारी मिली कि टकराव खत्म करने वाले समझौते की शर्तों पर सहमति बन गई है, उन्होंने हमला नहीं करने का फैसला लिया.

होर्मुज हमेशा खुला रखने पर सहमति

ट्रंप ने दावा किया कि समझौते के मसौदे में ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को हमेशा खुला रखने के लिए राजी हो गया है. उन्होंने कहा कि यह समुद्री रास्ता पूरी दुनिया के लिए बेहद अहम है. पहले ईरान कई बार इसे बंद करने की धमकी देता रहा है, लेकिन नई डील के बाद ऐसा नहीं होगा.

परमाणु खतरा खत्म होने का दावा

ट्रंप ने कहा कि इस समझौते के बाद ईरान कभी परमाणु बम नहीं बना पाएगा. उनके मुताबिक इससे दुनिया पर परमाणु युद्ध का खतरा भी खत्म हो जाएगा. उन्होंने कहा कि हमला रोककर बातचीत का रास्ता चुनना कमजोरी नहीं, बल्कि दुनिया के सुरक्षित भविष्य के लिए लिया गया फैसला है.

ट्रुथ सोशल पर क्या बोले ट्रंप?

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर भी इस बारे में पोस्ट किया. उन्होंने लिखा कि अमेरिका इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के खिलाफ ऐसी सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार था, जैसी दूसरे विश्व युद्ध के बाद कभी नहीं देखी गई. उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान और मिडिल ईस्ट के कुछ अन्य देशों ने अमेरिका से सैन्य कार्रवाई टालने की अपील की थी, क्योंकि समझौते की रूपरेखा पर सहमति बन चुकी थी.