कुलगाम में आतंकियों की दरिंदगी, गोली चलाने से पहले मजदूरों से पूछी पहचान और धर्म, परिजनों का दावा

Kulgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत हो गई. दोनों मजदूर कश्मीर में काम की तलाश में गए थे और एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहे थे.

Jammu Kashmir Kulgam terror attack family makes major claim regarding the killing of laborers
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Kulgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत हो गई. दोनों मजदूर कश्मीर में काम की तलाश में गए थे और एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहे थे. इस हमले के बाद एक बार फिर कश्मीर में बाहरी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं.

मृतकों की पहचान छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले के रहने वाले 24 वर्षीय दीपक रात्रे और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के 28 वर्षीय भूपेंद्र भइना के रूप में हुई है. शुक्रवार रात आतंकियों ने कुलगाम में ईंट भट्ठे पर हमला कर दोनों मजदूरों को निशाना बनाया.

परिवार का दावा- पहचान पूछने के बाद किया हमला

दीपक रात्रे के परिवार ने आरोप लगाया है कि आतंकियों ने गोली चलाने से पहले मजदूरों से उनकी पहचान और धर्म के बारे में पूछा था. दीपक के चाचा हलधर रात्रे ने दावा किया कि हमलावरों ने पहचान जानने के बाद उन्हें निशाना बनाया.

उन्होंने कहा कि परिवार को मिली जानकारी के अनुसार आतंकियों ने मजदूरों से उनकी जाति और समुदाय के बारे में पूछा और इसके बाद गोली चला दी. हालांकि, अधिकारियों की ओर से इस दावे की अभी पुष्टि नहीं की गई है. इस घटना ने अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले की यादें फिर ताजा कर दी हैं, जिसमें कई लोगों की जान गई थी.

काम की तलाश में कश्मीर गए थे दोनों मजदूर

दीपक रात्रे और भूपेंद्र भइना अपने परिवार की आर्थिक मदद के लिए कश्मीर गए थे. दोनों उसी ईंट भट्ठे पर काम कर रहे थे, जहां आतंकियों ने हमला किया. दीपक करीब सात-आठ महीने पहले अपनी पत्नी के साथ जम्मू-कश्मीर गया था. 

वह अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था. उसके परिवार में बुजुर्ग मां, दिव्यांग छोटा भाई, पत्नी और चार महीने का बेटा है. वहीं, भूपेंद्र भी करीब तीन महीने पहले अपनी पत्नी के साथ कश्मीर गया था. उसका चार साल का बेटा छत्तीसगढ़ में रिश्तेदारों के साथ रह रहा है.

जम्मू-कश्मीर सरकार ने मुआवजे का किया ऐलान

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दोनों मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. वहीं, छत्तीसगढ़ प्रशासन भी पीड़ित परिवारों के संपर्क में है. 

शक्ति के सब डिविजनल मजिस्ट्रेट रूपेंद्र पटेल ने बताया कि प्रशासन जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि शवों को जल्द से जल्द उनके गांव पहुंचाया जा सके. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी इस आतंकी घटना की निंदा की है और अधिकारियों को परिवारों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं.

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