नई दिल्ली: भारतीय सशस्त्र बलों में शीर्ष स्तर पर बड़ा नेतृत्व परिवर्तन हुआ है. शनिवार को भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना, दोनों को अपने नए उप प्रमुख मिल गए. एयर मार्शल तेजपाल सिंह ने डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ (डीसीएएस) का पदभार संभाला, जबकि वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने नौसेना के उप प्रमुख की जिम्मेदारी ग्रहण की. दोनों वरिष्ठ अधिकारियों का लंबा सैन्य अनुभव और परिचालन विशेषज्ञता आने वाले समय में देश की रक्षा तैयारियों को नई मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. पदभार ग्रहण करने के बाद एयर मार्शल तेजपाल सिंह ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बलिदान को नमन किया.
अनुभव पर वायुसेना को बड़ा भरोसा
एयर मार्शल तेजपाल सिंह को 16 जून 1990 को भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन मिला था. 36 वर्षों से अधिक के शानदार करियर में उन्होंने 3,500 घंटे से ज्यादा उड़ान भरते हुए कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल, कमांड और स्टाफ जिम्मेदारियां निभाईं. वह कैटेगरी-ए क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट भी हैं. उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें वर्ष 2011 में वायु सेना मेडल (वीएम) और 2021 में अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम) से सम्मानित किया गया था. उन्होंने यह जिम्मेदारी एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती से संभाली है, जिन्होंने 39 वर्षों की गौरवपूर्ण सेवा के बाद 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्ति ली.
नौसेना के उप प्रमुख बने वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद
भारतीय नौसेना में भी नेतृत्व परिवर्तन के तहत वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने उप प्रमुख का पदभार संभाल लिया है. उन्होंने वाइस एडमिरल तरुण सोबती का स्थान लिया, जो शुक्रवार को सेवानिवृत्त हुए. वाइस एडमिरल प्रमोद ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना की परिचालन तैयारियों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए चर्चा में रहे हैं. वर्ष 1990 में भारतीय नौसेना में कमीशन पाने वाले प्रमोद 'कैट ए' सी किंग एयर ऑपरेशंस ऑफिसर होने के साथ कम्युनिकेशन और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर के विशेषज्ञ भी हैं. उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम) और युद्ध सेवा पदक (वाईएसएम) से सम्मानित किया जा चुका है.
तीन दशक से अधिक का अनुभव
वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन और नेवल वॉर कॉलेज, गोवा से उच्च सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया है. अपने 36 वर्षों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने समुद्र और तट दोनों मोर्चों पर कमांड, प्रशिक्षण, परिचालन और स्टाफ से जुड़े कई महत्वपूर्ण दायित्व सफलतापूर्वक निभाए हैं. दूसरी ओर, एयर मार्शल तेजपाल सिंह का व्यापक उड़ान अनुभव और रणनीतिक नेतृत्व भारतीय वायुसेना की भविष्य की तैयारियों को नई दिशा देगा. दोनों वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब भारत अपनी रक्षा क्षमताओं को आधुनिक बनाने और तीनों सेनाओं के बीच समन्वय को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
ये भी पढ़ें: दिल्ली, यूपी से लेकर बिहार तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट, जानिए कल कैसा रहेगा आपके शहर का मौसम