IMD Rain Alert: देशभर में मानसून अब अपने सबसे सक्रिय चरण में पहुंच चुका है. उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों से लेकर पश्चिमी तट और पूर्वोत्तर राज्यों तक बादलों का मजबूत सिस्टम तैयार हो गया है, जिसका असर आने वाले दिनों में और व्यापक रूप से देखने को मिलेगा. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 1 से 7 अगस्त के बीच देश के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश की वजह से कई क्षेत्रों में नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है, जबकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मैदानी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है. ऐसे में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है.
उत्तर भारत में मानसून की सबसे मजबूत दस्तक
उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में अगले एक सप्ताह तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है. इन इलाकों में लगातार बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई संवेदनशील क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित हो सकता है और नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है.
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश का प्रभाव लगातार देखने को मिलेगा. इन राज्यों में 3 से 7 अगस्त के बीच कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं.
दिल्ली-NCR और UP में झमाझम बारिश के आसार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में लंबे इंतजार के बाद मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय होने जा रहा है. मौसम विभाग के अनुसार 3 से 7 अगस्त के बीच दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में कई दौर की तेज बारिश हो सकती है. इससे तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं.
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में 3 अगस्त से बारिश का दौर तेज होगा, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 अगस्त से ही लगातार वर्षा की संभावना जताई गई है. कई जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की जा सकती है.
राजस्थान में भी सक्रिय होगा मानसून
आमतौर पर कम बारिश वाले राजस्थान में भी मानसून का असर इस बार काफी मजबूत दिखाई दे रहा है. पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में 1 और 2 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में कम समय में अधिक बारिश होने के कारण शहरी इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों पर असर पड़ सकता है.
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सप्ताहभर रहेगा बारिश का दौर
मध्य भारत भी इस बार मानसून की अच्छी बारिश का गवाह बनने वाला है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 1 अगस्त को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 7 अगस्त के बीच भारी वर्षा की संभावना जताई गई है. लगातार बारिश से बांधों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ने की उम्मीद है.
छत्तीसगढ़ में 3 से 7 अगस्त तक तेज बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. वहीं विदर्भ क्षेत्र में भी 2 से 5 अगस्त तक मौसम खराब रहने के संकेत हैं, जिससे किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
बिहार, झारखंड और बंगाल में मौसम रहेगा सक्रिय
पूर्वी भारत के राज्यों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय बना रहेगा. बिहार में 2 से 6 अगस्त तक कई जिलों में अच्छी बारिश होने का अनुमान है. इसके साथ ही 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. झारखंड में गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है. पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे निचले क्षेत्रों में जलभराव और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है.
पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
पूर्वोत्तर भारत में लगातार बारिश का सिलसिला अगले सात दिनों तक जारी रहने की संभावना है. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की जा सकती है.
विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश और मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. लगातार वर्षा के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा बढ़ गया है. प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों के लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है.
गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिमी तट पर भी बारिश का असर
अरब सागर से आने वाली नमी के कारण गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी मानसून सक्रिय रहेगा. गुजरात के कुछ हिस्सों में 1 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मध्य महाराष्ट्र में भी कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. लगातार वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़क यातायात प्रभावित होने और छोटी नदियों के उफान पर आने की आशंका जताई गई है.
दक्षिण भारत में तेज हवाओं के साथ होगी बारिश
दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी मानसून की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी. केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. कुछ इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु में भी अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा. मौसम विभाग ने दक्षिणी राज्यों में भी स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है.
मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी
मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समुद्री गतिविधियों को लेकर भी चेतावनी जारी की है. गुजरात, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, कोंकण-गोवा और श्रीलंका से सटे समुद्री क्षेत्रों में अगले कई दिनों तक तेज हवाएं और ऊंची लहरें उठ सकती हैं. इसी वजह से मछुआरों को 6 अगस्त तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. समुद्र में जाने वाली छोटी नौकाओं और मछली पकड़ने वाले जहाजों के लिए यह अवधि जोखिम भरी मानी जा रही है.
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