US Iran War: ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में हुई बातचीत असफल होने के बाद हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं. इस वार्ता से उम्मीद थी कि दोनों देशों के बीच तनाव कम होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त रुख अपनाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी दे दी है.
जानकारी के अनुसार, 13 अप्रैल 2026 की शाम साढ़े सात बजे (भारतीय समय) से इस अहम समुद्री रास्ते की नाकेबंदी शुरू की जा सकती है. यह रास्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है, इसलिए इस पर उठाया गया कोई भी कदम वैश्विक असर डाल सकता है.
इजरायल का भी सख्त रुख, संघर्ष जारी रहने के संकेत
इस बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी साफ कर दिया है कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि संघर्ष जारी है और किसी भी समय संघर्ष विराम खत्म हो सकता है. नेतन्याहू ने बताया कि वह हाल ही में लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में अपनी सेना और अधिकारियों के साथ थे, जहां सैनिक लगातार कार्रवाई कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि सेना दुश्मन को सीमा से दूर धकेल रही है और आसपास के इलाकों में मौजूद आतंकी ठिकानों को भी निशाना बना रही है. उनका कहना है कि जब तक देश के सभी नागरिकों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक यह अभियान जारी रहेगा.
बातचीत क्यों नहीं बन सकी
नेतन्याहू ने यह भी बताया कि इस्लामाबाद में हुई बातचीत आखिर क्यों असफल रही. उनके अनुसार, अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने उन्हें फोन कर जानकारी दी कि ईरान ने बातचीत के दौरान तय नियमों का पालन नहीं किया.
बताया गया कि समझौते की शर्तों का उल्लंघन होने के कारण अमेरिका ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया. इसी के तहत समुद्री रास्ते की नाकेबंदी का निर्णय लिया गया है. नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल इस फैसले का समर्थन करता है और वह अमेरिका के साथ लगातार संपर्क में है. उनका मानना है कि समय रहते कड़ा कदम उठाना जरूरी है.
ईरान की कड़ी चेतावनी
अमेरिका की इस चेतावनी के बाद ईरान ने भी सख्त प्रतिक्रिया दी है. ईरान ने साफ कहा है कि अगर उसके बंदरगाहों या हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई, तो वह भी जवाब देगा.
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर हालात बिगड़े तो फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा. इसका मतलब है कि संघर्ष बढ़ने की स्थिति में पूरे क्षेत्र में बड़ा संकट पैदा हो सकता है.
समुद्री रास्ते की अहमियत
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है. इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आपूर्ति होती है. अगर यह रास्ता बंद होता है, तो इसका असर कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है और वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है. इसलिए पूरी दुनिया की नजर इस घटनाक्रम पर बनी हुई है.
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