नई दिल्ली में आयोजित नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के सशक्तिकरण को 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक बताया. उन्होंने कहा कि देश एक ऐसे ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है, जहां दशकों से लंबित एक बड़ा फैसला अब साकार होने जा रहा है.
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की संसद एक ऐसा नया अध्याय लिखने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जो न केवल पुराने संकल्पों को पूरा करेगा बल्कि भविष्य के लक्ष्यों को भी मजबूती देगा. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह निर्णय पूरी तरह से नारी शक्ति को समर्पित है और इसका उद्देश्य महिलाओं की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाना है.
समानता आधारित भारत का संकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश एक ऐसे भारत का निर्माण करना चाहता है, जहां समानता केवल एक नारा न हो, बल्कि शासन और निर्णय प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा बने. उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और बराबरी को व्यवहार में लाना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है.
संसद में विशेष चर्चा की तैयारी
उन्होंने बताया कि महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने और इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए संसद में विशेष बैठक आयोजित की जाएगी, जहां इस विषय पर विस्तार से चर्चा होगी. उन्होंने इसे दशकों की प्रतीक्षा के अंत की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम बताया.
LIVE: PM Shri @narendramodi addresses Nari Shakti Vandan Sammelan in New Delhi. #NariShaktiVandan https://t.co/XpG4XWPm1n
— BJP (@BJP4India) April 13, 2026
‘महिलाओं का आशीर्वाद लेने आया हूं’
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भावुक अंदाज में कहा कि वह यहां किसी को उपदेश देने नहीं, बल्कि देश की करोड़ों माताओं और बहनों का आशीर्वाद लेने आए हैं. उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी से लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा और देश के विकास को नई गति मिलेगी.
लंबे समय से चल रही थी चर्चा
महिला आरक्षण को लेकर दशकों से चर्चा चल रही थी. प्रधानमंत्री ने कहा कि अब वह समय आ गया है, जब इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने महिलाओं को नए युग के आगमन की बधाई देते हुए कहा कि यह बदलाव देश के भविष्य को नई दिशा देगा.
सभी दलों का मिला समर्थन
प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि जब नारी शक्ति वंदन से जुड़ा कानून लाया गया था, तब सभी राजनीतिक दलों ने एकजुट होकर इसका समर्थन किया था. उस समय यह भी सहमति बनी थी कि इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर लागू किया जाना चाहिए.
लोकतंत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
उन्होंने बताया कि देश में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है. पंचायती राज संस्थाओं में लाखों महिलाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और कई राज्यों में उनकी भागीदारी लगभग 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है. इससे प्रशासन में संवेदनशीलता और संतुलन बढ़ा है.
आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कदम
प्रधानमंत्री ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पहले बड़ी संख्या में महिलाएं बैंकिंग प्रणाली से जुड़ी नहीं थीं, लेकिन जनधन योजना के तहत करोड़ों महिलाओं के बैंक खाते खोले गए, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिला.
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