Gold-Silver Rate: फिर धड़ाम हुई सोने-चांदी की कीमत, क्या जारी रहेगी गिरावट? जानें आज का रेट

कीमती धातुओं के बाजार में आज फिर तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला. घरेलू और विदेशी बाजार के संकेतों, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद और मांग-आपूर्ति के संतुलन का असर सीधे सोना और चांदी की कीमतों पर पड़ा है.

Gold and silver prices decreased Will the decline continue today rate
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

Gold-Silver Rate: कीमती धातुओं के बाजार में आज फिर तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला. घरेलू और विदेशी बाजार के संकेतों, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद और मांग-आपूर्ति के संतुलन का असर सीधे सोना और चांदी की कीमतों पर पड़ा है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों धातुओं के भाव में गिरावट दर्ज की गई है.

आज सोने का भाव 1000 रुपये गिरकर 1,53,753 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. हाल के दिनों में एमसीएक्स पर सोने में कभी तेज तेजी तो कभी गिरावट देखी जा रही है, जिससे बाजार में अस्थिरता बनी हुई है.

सोने की कीमतों में गिरावट

मंगलवार को भी सोने की कीमतों में करीब 1 फीसदी की गिरावट आई थी. इसका एक बड़ा कारण लूनर न्यू ईयर के चलते एशिया के प्रमुख बाजारों में छुट्टी रहना बताया जा रहा है. चीन जैसे देशों में अवकाश की वजह से कारोबार कमजोर रहा और ट्रेडिंग वॉल्यूम कम रहा. इसके साथ ही मजबूत अमेरिकी डॉलर ने भी सोने की कीमतों पर दबाव बनाया.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.9 फीसदी गिरकर 4,947.98 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 1.6 फीसदी गिरकर 4,966.80 डॉलर प्रति औंस पर आ गए.

आज कॉमैक्स पर भी गोल्ड 1.51 फीसदी टूटकर 4,970.80 डॉलर प्रति औंस पर दर्ज किया गया.

चांदी में 4000 रुपये की तेज गिरावट

सोने के साथ-साथ चांदी में भी बड़ी गिरावट देखी गई है. एमसीएक्स पर चांदी का रेट 4000 रुपये फिसलकर 2,35,773 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी पर दबाव बना हुआ है. कॉमैक्स पर सिल्वर 3.80 फीसदी गिरकर 75.00 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. चांदी की कीमतों में आमतौर पर ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है, क्योंकि इस पर निवेश के साथ-साथ औद्योगिक मांग का भी असर पड़ता है.

आगे क्या रह सकता है रुख?

फिलहाल सोने और चांदी की कीमतों पर मुनाफावसूली का दबाव बना हुआ है. बाजार की नजर अमेरिका के पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) के आंकड़ों और फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक की कार्यवाही पर टिकी है.

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी जीडीपी के आंकड़े, PCE महंगाई डेटा और फेडरल रिजर्व अधिकारियों की टिप्पणियां आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकती हैं. अभी ट्रेडर्स के बीच स्पष्ट रुख नहीं है, इसलिए बुलियन बाजार कंसोलिडेशन के दौर में है और कीमतें सीमित दायरे में ऊपर-नीचे हो सकती हैं.

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