JEE Mains Result: जेईई मेन का रिजल्ट जारी होने के बाद ज्यादातर छात्र सिर्फ एनआईटी और ट्रिपल आईटी के पीछे भागते हैं. लेकिन हाई कॉम्पिटिशन की वजह से यहां सीट मिलना आसान नहीं होता. अगर आपकी रैंक थोड़ी पीछे रह गई है तो घबराने की जरूरत नहीं है. देश में कई सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज ऐसे हैं, जहां जेईई मेन स्कोर के आधार पर बीटेक में एडमिशन मिलता है और इनकी इंडस्ट्री वैल्यू भी काफी मजबूत है.
इनमें गवर्नमेंट फंडेड टेक्निकल इंस्टीट्यूट (GFTI) और कई स्टेट गवर्नमेंट कॉलेज शामिल हैं. इनका इंफ्रास्ट्रक्चर अच्छा है और प्लेसमेंट रिकॉर्ड कई एनआईटी के बराबर या उनसे बेहतर माना जाता है. कुछ कॉलेज जोसा (JoSAA) के जरिए तो कुछ अपनी अलग काउंसलिंग से एडमिशन देते हैं. कई जगह होम स्टेट कोटा का भी फायदा मिलता है.
दिल्ली के टॉप कॉलेज
दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) और नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनएसयूटी) देश के पुराने और प्रतिष्ठित संस्थानों में गिने जाते हैं. यहां एडमिशन जेएसी दिल्ली काउंसलिंग के जरिए होता है. खासकर कंप्यूटर साइंस और आईटी ब्रांच में इनका प्लेसमेंट रिकॉर्ड काफी मजबूत है. कई बड़ी कंपनियां यहां कैंपस प्लेसमेंट के लिए आती हैं.
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पीईसी), चंडीगढ़ भी एक जाना-माना सरकारी संस्थान है. यहां जेईई मेन स्कोर के आधार पर एडमिशन मिलता है. एयरोस्पेस और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के लिए यह कॉलेज खास तौर पर प्रसिद्ध है. चंडीगढ़ जैसे विकसित शहर में होने से छात्रों को बेहतर एक्सपोजर मिलता है.
पश्चिम भारत के विकल्प
कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे (सीओईपी) और वीरमाता जीजाबाई प्रौद्योगिकी संस्थान (वीजेटीआई), मुंबई पश्चिम भारत के प्रमुख सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज हैं. इनका मुख्य एडमिशन एमएचटी-सीईटी से होता है, लेकिन कुछ सीटों पर ऑल इंडिया कोटे के तहत जेईई मेन स्कोर भी मान्य होता है. इनकी फीस कम है और प्लेसमेंट रिकॉर्ड लगातार अच्छा रहता है.
GFTI कॉलेज
बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान, मेसरा, जेके इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड फिजिक्स एंड टेक्नोलॉजी (इलाहाबाद विश्वविद्यालय) और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) जैसे गवर्नमेंट फंडेड टेक्निकल इंस्टीट्यूट भी अच्छे विकल्प हैं. यहां 50,000 से 1,00,000 रैंक के बीच वाले छात्रों को भी अच्छी ब्रांच मिलने की संभावना रहती है.
स्टेट यूनिवर्सिटी का फायदा
इन कॉलेजों में फीस किफायती होती है और सरकारी स्कॉलरशिप के विकल्प भी मिलते हैं. अगर एनआईटी या ट्रिपल आईटी में सीट नहीं मिल पाती है, तो इन सरकारी कॉलेजों से भी बेहतरीन इंजीनियरिंग करियर की शुरुआत की जा सकती है.
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