US Iran War: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इस्लामाबाद में हुई बातचीत सफल नहीं होने के बाद अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है. उसने अरब और ओमान की खाड़ी में ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाले सभी देशों के जहाजों पर रोक लगा दी है. इस दौरान अमेरिकी नौसेना के जहाज समुद्र में लगातार निगरानी कर रहे हैं.
ईरान की कड़ी चेतावनी
ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है. देश के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसिन रेज़ाई ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश करता है, तो ईरान अमेरिकी जहाजों को निशाना बना सकता है.
उन्होंने यह भी कहा कि अगर अमेरिका ईरान की जमीन पर सेना भेजता है, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. उनके मुताबिक, ईरान अमेरिकी सैनिकों को पकड़ भी सकता है.
बयान से बढ़ा तनाव
मोहसेन रेजाई ने यह भी कहा कि अमेरिका को यह तय करना चाहिए कि क्या वह सच में इस क्षेत्र में दखल देना चाहता है. उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या दुनिया की निगरानी करना अमेरिका का काम है.
युद्धविराम बढ़ाने के खिलाफ
रेजाई ने साफ कहा कि वह युद्धविराम बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं. उनका मानना है कि इस समय सख्ती जरूरी है. दूसरी तरफ दुनिया भर से शांति की अपील भी हो रही है. एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों से बातचीत जारी रखने और तनाव कम करने की बात कही है. कुल मिलाकर, हालात काफी तनावपूर्ण हैं और अगर बातचीत से हल नहीं निकला तो स्थिति और गंभीर हो सकती है.
ये भी पढ़ें- ईरान-यूएस के बीच फिर शुरू होगा युद्ध! सीजफायर की डेडलाइन आगे बढ़ाने से अमेरिका का इंकार