PNB Scam: भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भारत वापस लाने की कोशिशें अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही हैं. शीर्ष सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम इस समय लंदन में मौजूद है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एजेंसियों की यह तैनाती इस बात का संकेत है कि मामला अब केवल कानूनी बहस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे अमल में लाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं.
प्रत्यर्पण की राह लगभग साफ
बताया जा रहा है कि यूनाइटेड किंगडम में नीरव मोदी के खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया में अधिकांश बड़ी बाधाएं दूर हो चुकी हैं. यही वजह है कि अब भारतीय एजेंसियां उसे वापस लाने के लिए सक्रिय रूप से अंतिम तैयारियों में जुटी हैं.
लंदन में CBI अधिकारियों की मौजूदगी को इस पूरे मामले के अंतिम क्रियान्वयन चरण का अहम संकेत माना जा रहा है.
कोर्ट से झटका, बंद हुए सभी रास्ते
मार्च 2026 में ब्रिटेन का उच्च न्यायालय ने नीरव मोदी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ मामले को दोबारा खोलने की मांग की थी.
अदालत ने भारत सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों को भरोसेमंद मानते हुए उसकी अपील को खारिज कर दिया. इस फैसले के बाद ब्रिटेन में उसके लिए लगभग सभी कानूनी रास्ते बंद हो गए.
इसके बाद नीरव मोदी ने यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय (ECHR) का रुख किया, लेकिन इससे भी उसे राहत मिलने की संभावना कम मानी जा रही है.
अपील का आधार क्या था?
नीरव मोदी ने अपनी अपील को फिर से शुरू करने की कोशिश एक अन्य मामले के आधार पर की थी. यह मामला रक्षा सलाहकार संजय भंडारी के प्रत्यर्पण से जुड़ा था, जिसमें फरवरी 2025 में ब्रिटेन की अदालत ने भारतीय जांच एजेंसियों पर आरोपों को लेकर कुछ गंभीर टिप्पणियां की थीं.
उसी फैसले का हवाला देकर नीरव मोदी ने अपने केस में नई सुनवाई की मांग की, लेकिन अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया.
कौन है नीरव मोदी?
नीरव मोदी एक भारतीय मूल का हीरा कारोबारी है, जो देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक का मुख्य आरोपी है.
इस पूरे मामले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भारत और विदेशों में उसकी अरबों रुपये की संपत्तियां और बैंक खाते जब्त किए हैं.
ये भी पढ़ें- IPL को फिर से विदेश ले जाने की तैयारी, अब किस देश में खेला जाएगा टूर्नामेंट, क्या है BCCI का प्लान?