आज संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल होंगे पेश, 18 घंटे तक चलेगी चर्चा; जानें पूरी जानकारी

Women Reservation Bill: संसद के विशेष बजट सत्र के पहले दिन आज सरकार तीन बड़े विधेयक पेश करने जा रही है. इनका सीधा संबंध महिला आरक्षण और चुनावी सीटों के बंटवारे से है. सरकार चाहती है कि महिलाओं को मिलने वाला 33% आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू हो जाए.

Women reservation delimitation bills will be presented in Parliament today discussion for 18 hours
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Women Reservation Bill: संसद के विशेष बजट सत्र के पहले दिन आज सरकार तीन बड़े विधेयक पेश करने जा रही है. इनका सीधा संबंध महिला आरक्षण और चुनावी सीटों के बंटवारे से है. सरकार चाहती है कि महिलाओं को मिलने वाला 33% आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू हो जाए.

सरकार ने 16, 17 और 18 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाया है. इसका मुख्य मकसद नारी शक्ति वंदन अधिनियम (2023) को जल्दी लागू करना है. इस कानून में लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रावधान है. पहले यह कानून नई जनगणना और परिसीमन पर निर्भर था, लेकिन अब सरकार संशोधन लाकर इसे 2029 से लागू करने की तैयारी में है.

आज पेश होंगे ये विधेयक

आज जिन विधेयकों को पेश किया जाना है, उनमें संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल है. इसमें लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है, ताकि महिला आरक्षण लागू करते समय किसी राज्य की सीट कम न करनी पड़े.

इसके अलावा परिसीमन विधेयक, 2026 भी लाया जाएगा, जिसमें नई जनगणना के आधार पर सीटों का नया बंटवारा करने के लिए आयोग बनाने की बात है. सरकार का कहना है कि सभी राज्यों की सीटें बढ़ेंगी और किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा.

तीसरा है केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026, जिसके जरिए दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी महिला आरक्षण लागू किया जाएगा.

सत्ता और विपक्ष आमने-सामने

इन विधेयकों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव होना तय माना जा रहा है. कुछ विपक्षी दलों ने खासकर परिसीमन को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं. हालांकि सरकार का मानना है कि जब पूरी जानकारी सामने रखी जाएगी तो समर्थन मिल जाएगा. ऐसी संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस मुद्दे पर चर्चा में हिस्सा लें. वहीं गृह मंत्री अमित शाह चर्चा का जवाब दे सकते हैं.

पास कराने के लिए जरूरी संख्या

ये दोनों संविधान संशोधन से जुड़े विधेयक हैं, इसलिए इन्हें पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होगा. लोकसभा में इसके लिए करीब 360 सांसदों का समर्थन चाहिए. ऐसे में संख्या का गणित अहम भूमिका निभाएगा.

क्या होगा आगे

सरकार को भरोसा है कि महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन विधेयक आसानी से पास हो जाएगा, क्योंकि इसका खुलकर विरोध नहीं हो रहा है. ऐसे में माना जा रहा है कि 2029 के चुनाव से महिला आरक्षण लागू होने का रास्ता लगभग साफ हो सकता है.

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