CBSE 10वीं: इन छात्रों को नहीं मिलेगा दूसरी परीक्षा का मौका, फॉर्म भरने से पहले जानें ये नियम

CBSE Two Exam System 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 10वीं के परिणाम घोषित कर दिए हैं. इस बार परिणाम पहले की तुलना में लगभग एक महीने पहले जारी किया गया है. इसकी वजह यह है कि अगले महीने फिर से दूसरी परीक्षा कराई जाएगी, ताकि जिन छात्रों के अंक कम आए हैं या जो असफल हो गए हैं, उन्हें दोबारा मौका मिल सके.

CBSE 10th These students will not get a chance for second exam these rules before filling the form
Image Source: ANI/ File

CBSE Two Exam System 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 10वीं के परिणाम घोषित कर दिए हैं. इस बार परिणाम पहले की तुलना में लगभग एक महीने पहले जारी किया गया है. इसकी वजह यह है कि अगले महीने फिर से दूसरी परीक्षा कराई जाएगी, ताकि जिन छात्रों के अंक कम आए हैं या जो असफल हो गए हैं, उन्हें दोबारा मौका मिल सके.

इस साल करीब 23.16 लाख छात्र पास हुए हैं. कुल पास प्रतिशत 93.70 प्रतिशत रहा है, जो पिछले साल से थोड़ा बेहतर है. नई शिक्षा नीति के तहत छात्रों का तनाव कम करने और उन्हें सुधार का मौका देने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है.

दूसरी परीक्षा कब होगी

बोर्ड के अनुसार दूसरी परीक्षा 5 मई से 21 मई 2026 के बीच कराई जाएगी. इसके परिणाम 30 जून तक घोषित कर दिए जाएंगे. इस व्यवस्था का मकसद यह है कि छात्र एक ही साल में अपने अंकों में सुधार कर सकें और उन्हें पूरे साल इंतजार न करना पड़े.

किन छात्रों को मौका नहीं मिलेगा

दूसरी परीक्षा में वही छात्र शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने पहली परीक्षा दी हो. कम से कम तीन विषयों की परीक्षा में शामिल होना जरूरी है.
अगर किसी छात्र ने पहली परीक्षा नहीं दी है या सिर्फ एक-दो विषयों की ही परीक्षा दी है, तो उसे दूसरी परीक्षा में बैठने का मौका नहीं मिलेगा. ऐसे छात्रों को अगले साल ही परीक्षा देनी होगी.

दो बार परीक्षा के नियम

इस नई व्यवस्था में छात्र दोनों परीक्षाओं में शामिल हो सकते हैं. अंतिम अंकपत्र में वही अंक जोड़े जाएंगे, जो ज्यादा होंगे. छात्र ज्यादा से ज्यादा तीन विषयों में अपने अंक सुधारने के लिए दूसरी परीक्षा दे सकते हैं.

दोनों परीक्षाओं का पाठ्यक्रम एक ही रहेगा और परीक्षा केंद्र भी वही होंगे. अगर कोई छात्र विषय बदलना चाहता है, तो वह सिर्फ दूसरी परीक्षा में ऐसा कर सकता है, वह भी तब जब उसने पहली परीक्षा में उस विषय की परीक्षा न दी हो. प्रायोगिक और आंतरिक मूल्यांकन साल में केवल एक बार ही होगा.

11वीं में दाखिला कैसे होगा

जो छात्र पहली परीक्षा के अंकों से संतुष्ट हैं और दूसरी परीक्षा नहीं देना चाहते, वे सीधे कक्षा 11 में दाखिला ले सकते हैं. जो छात्र पास नहीं हो पाए हैं, उन्हें भी अस्थायी रूप से 11वीं में दाखिला मिल सकता है. उनका अंतिम दाखिला दूसरी परीक्षा के परिणाम पर निर्भर करेगा.

अंतिम अंकपत्र और प्रमाण पत्र दूसरी परीक्षा के परिणाम आने के बाद ही जारी किए जाएंगे. कुल मिलाकर, यह नई व्यवस्था छात्रों को एक ही साल में सुधार का मौका देती है और उनके ऊपर से दबाव भी कम करने की कोशिश करती है.

ये भी पढ़ें- इंतजार हुआ खत्म! CBSE ने जारी किया 10वीं का रिजल्ट; यहां से करें चेक