Dhamtari News: जिंदगी जब बोझ लगने लगे और जिम्मेदारियों का दबाव सांस लेने न दे, तो इंसान अजीब फैसले ले बैठता है. ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से सामने आया है, जहां एक युवक ने अपनी 'मौत' का ऐसा नाटक रच दिया कि पुलिस, गोताखोर और पूरा परिवार 12 दिन तक उसे सचमुच मृत मानकर खोजते रहे. लेकिन फिर सच्चाई ने सबको चौंका दिया. वो युवक न तो डूबा था, न मरा था. बल्कि दिल्ली में आराम से छुपा बैठा था.
दोस्तों को मिले सिर्फ चप्पल और कपड़े
मामला कवर्धा जिले के रहने वाले हेमंत चंद्रवंशी का है, जो 24 मई को अपने दोस्तों के साथ धमतरी के गंगरेल बांध घूमने आया था. रात रिसोर्ट में बिताने के बाद अगले दिन सुबह 25 मई को वो अपने साथियों के साथ बांध के किनारे नहाने पहुंचा. तभी हेमंत ने अपने दोस्तों को पास की दुकान से कुछ सामान लाने के लिए भेजा. जब दोस्त लौटे, तो वहां सिर्फ हेमंत के कपड़े और चप्पल मिले. आसपास ढूंढने पर भी उसका कोई सुराग नहीं मिला.
खूब तलाशा मगर नहीं मिला हेमंत
परेशान दोस्तों ने तुरंत रुद्री पुलिस को सूचना दी. शुरुआती अनुमान यही लगाया गया कि हेमंत डूब गया है. गोताखोरों की टीम लगातार बांध के पानी में उसकी तलाश करती रही, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी. इस बीच पुलिस को शक हुआ कि कहीं ये मामला खुद से गायब होने का तो नहीं?
12 दिन बाद दिल्ली में मिला युवक
शक को पुख्ता करने के लिए पुलिस ने हेमंत के परिवार से बातचीत की, तो उन्हें पता चला कि उसके पास एक और मोबाइल नंबर भी है. इसी नंबर को ट्रैक किया गया, और उसकी लोकेशन दिल्ली मिली. फिर क्या था, पुलिस तुरंत दिल्ली रवाना हुई और 12 दिन बाद हेमंत को वहां से पकड़कर वापस धमतरी ले आई.
पूछताछ में हेमंत ने जो बताया, वो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था. उसने स्वीकार किया कि वो कर्ज के बोझ से बेहद परेशान था और किसी को भी मुंह दिखाने की हिम्मत नहीं बची थी. इसलिए उसने खुद की मौत की झूठी कहानी गढ़ी और जंगल के रास्ते गंगरेल बांध से निकलकर भाग गया. एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए कहा कि इस तरह से झूठा नाटक करना एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और कानूनन उस पर कार्रवाई की जाएगी.
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