Ukraine Ship Attacked: रूस-यूक्रेन युद्ध का असर अब एक बार फिर निर्दोष नागरिकों तक पहुंच गया है. यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हो रहे एक वाणिज्यिक मालवाहक जहाज पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिकों की जान चली गई, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल हो गया. इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और युद्धग्रस्त क्षेत्रों में चल रहे व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. भारत सरकार ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए हमले की कड़ी निंदा की है और प्रभावित भारतीयों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है.
Our statement on attacks on commercial vessel - MV GOLDEN LEO ⬇️
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) July 20, 2026
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विदेश मंत्रालय के अनुसार यह हमला MV GOLDEN LEO नामक जहाज पर उस समय हुआ, जब वह यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से अनाज लेकर अपनी यात्रा शुरू कर रहा था. जहाज पर कुल 17 क्रू सदस्य मौजूद थे, जिनमें पांच भारतीय नागरिक भी शामिल थे.
हमले में चार भारतीयों की मौत
विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि 19 जुलाई को हुए इस हमले में जहाज पर मौजूद पांच भारतीय क्रू सदस्यों में से चार की मौत हो गई. वहीं एक भारतीय नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सरकार ने बताया कि यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर प्रभावित भारतीयों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है.
विदेश मंत्रालय ने जताया शोक
भारत सरकार ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है. विदेश मंत्रालय ने मृत भारतीय नागरिकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में सरकार उनके साथ खड़ी है. साथ ही घायल भारतीय नागरिक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की गई है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारतीय मिशन प्रभावित परिवारों और घायल नागरिक को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार सक्रिय है.
भारत ने वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की कड़ी निंदा की
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत वाणिज्यिक जहाजों पर किए जाने वाले किसी भी हमले की कड़ी निंदा करता है. मंत्रालय ने कहा कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना न केवल अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि इससे निर्दोष क्रू सदस्यों की जान भी खतरे में पड़ती है. भारत ने दोहराया कि समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता हर परिस्थिति में सुरक्षित रहनी चाहिए. निर्दोष नागरिकों को संघर्ष का शिकार बनाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है.
ओडेसा से अनाज लेकर रवाना हुआ था जहाज
विदेश मंत्रालय के अनुसार MV GOLDEN LEO जहाज यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से अनाज लेकर रवाना हुआ था. यह जहाज पश्चिमी अफ्रीकी देश गिनी-बिसाऊ के झंडे के तहत संचालित किया जा रहा था. हमले के समय जहाज अपनी निर्धारित समुद्री यात्रा पर था. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला किसने किया, हालांकि यह घटना ऐसे समय हुई है जब काला सागर क्षेत्र में रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण समुद्री गतिविधियां लगातार खतरे के दायरे में बनी हुई हैं.
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