छोटे भाई को उतारा मौत के घाट, शव के किए 9 टुकड़े, फिर... MP के मंडला में खौफनाक वारदात

मंडला जिले में घटी इस भयावह घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. आशीष साहू नाम के युवक की गुमशुदगी ने पहले तो परिवार और गांव वालों को परेशान किया, लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए.

Elder brother kills younger brother in Mandla mp murder case
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Mandla Crime News: रिश्ते इंसान की ज़िंदगी का सबसे मजबूत सहारा माने जाते हैं. खासकर भाई-भाई का रिश्ता, जो सुरक्षा, भरोसे और साथ का प्रतीक होता है. लेकिन जब यही रिश्ता हिंसा और नफरत में बदल जाए, तो यह केवल एक अपराध नहीं बल्कि इंसानियत पर गहरा सवाल बन जाता है. मध्य प्रदेश के मंडला से सामने आई यह घटना इसी कड़वे सच को उजागर करती है, जहां खून के रिश्ते ने ही खून की कहानी लिख दी.

सन्न कर देने वाली वारदात का खुलासा

मंडला जिले में घटी इस भयावह घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. आशीष साहू नाम के युवक की गुमशुदगी ने पहले तो परिवार और गांव वालों को परेशान किया, लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए. घर के पीछे बने सेप्टिक टैंक से उठती बदबू ने एक ऐसे राज से पर्दा हटाया, जिसे सुनकर किसी का भी दिल दहल जाए. टैंक के अंदर बोरी और कपड़ों में लिपटे शव के टुकड़े मिले, जो बाद में आशीष के रूप में पहचाने गए.

शक की सुई अपने ही घर की ओर

जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, संदेह की दिशा बाहर नहीं बल्कि घर के भीतर ही सिमटती चली गई. आशीष के बड़े भाई घनश्याम साहू पर शक गहराने लगा. स्थानीय लोगों और परिवार के बयानों से यह सामने आया कि दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था. हाल ही में आशीष द्वारा नया ट्रैक्टर खरीदने और काम शुरू करने के बाद यह विवाद और भी तीखा हो गया था. माना जा रहा है कि इसी रंजिश ने एक खौफनाक अंजाम ले लिया.

हत्या के बाद हैवानियत की हदें पार

प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोप है कि घनश्याम ने अपने छोटे भाई पर उस समय हमला किया जब वह सो रहा था. कुल्हाड़ी जैसे धारदार हथियार से वार कर उसकी हत्या कर दी गई. लेकिन यह अपराध यहीं खत्म नहीं हुआ. सबूत मिटाने के इरादे से उसने शव के नौ टुकड़े कर दिए और उन्हें सेप्टिक टैंक में छिपा दिया. यह क्रूरता केवल हत्या नहीं, बल्कि इंसानियत की सारी सीमाओं को लांघने जैसा है. बताया जा रहा है कि आरोपी कई दिनों तक उसी घर में रहा, जहां यह खौफनाक सच छिपा हुआ था.

पुराने रहस्य से जुड़ते नए सवाल

इस घटना ने परिवार के एक पुराने जख्म को भी फिर से हरा कर दिया है. बताया जा रहा है कि इन दोनों भाइयों की मां वर्ष 2019 से लापता है. उस समय यह मामला रहस्य बनकर रह गया था, लेकिन अब आशीष की हत्या के बाद पुलिस उस घटना को भी नए सिरे से देखने लगी है. क्या उस गुमशुदगी के पीछे भी कोई साजिश या अपराध छिपा था? यह सवाल अब जांच एजेंसियों के सामने खड़ा है.

गांव में पसरा खौफ और सन्नाटा

घटना के बाद पूरे गांव में डर और सन्नाटा छा गया है. पड़ोसियों के मुताबिक, आशीष एक शांत स्वभाव का युवक था, जो अपने काम से मतलब रखता था. हालांकि भाइयों के बीच कहासुनी होती रहती थी, लेकिन किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि मामला इतनी भयावह दिशा ले सकता है. गांव के लोगों के बीच अब यह चर्चा भी होने लगी है कि कहीं मां की गुमशुदगी के पीछे भी इसी तरह का कोई रहस्य तो नहीं.

पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में टीम हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है. फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है और आरोपी से सख्ती से पूछताछ जारी है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अपराध में आरोपी अकेला था या किसी और की भी इसमें भूमिका थी.

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