भोपाल: मध्य प्रदेश एक बार फिर देश के वन्य संरक्षण मानचित्र पर बड़ी छलांग लगाने जा रहा है. अफ्रीका के बोत्सवाना से 8 चीतों को लाने की तैयारी के साथ-साथ असम से जंगली भैंसों और गैंडों को बसाने की योजना पर भी तेजी से काम हो रहा है. यह पहल न केवल राज्य की जैव विविधता को मजबूत करेगी, बल्कि भारत में वन्य प्राणियों के संरक्षण और पुनर्वास की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है.
बोत्सवाना से आने वाले हैं 8 चीते
चीता प्रोजेक्ट के तहत मध्य प्रदेश की धरती पर जल्द ही बोत्सवाना से 8 चीते पहुंच सकते हैं. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानकारी दी है कि इस अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट से जुड़ी सभी आवश्यक प्रक्रियाओं, तकनीकी पहलुओं और मंजूरियों को लेकर गंभीरता से चर्चा की जा रही है. चीतों को उनके प्राकृतिक अनुकूल वातावरण में बसाने के लिए वन विभाग और विशेषज्ञों की टीम पहले से ही तैयारियों में जुटी हुई है.
असम से जंगली भैंसे और गैंडे लाने की योजना
सिर्फ चीते ही नहीं, बल्कि असम से जंगली भैंसों और गैंडों को भी मध्य प्रदेश लाने की योजना पर काम किया जा रहा है. इसका उद्देश्य राज्य के जंगलों में वन्य जीवन की विविधता को बढ़ाना और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है. इन प्रजातियों के पुनर्वास से न केवल जंगलों की जैविक मजबूती बढ़ेगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय रोजगार के अवसरों में भी इजाफा होगा.
सीएम यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली में ने बताया कि कि मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र के विकास, रिजर्व फॉरेस्ट के विस्तार और वन्यजीव संरक्षण की अपार संभावनाएं हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है.
बोत्सवाना से 8 चीते लाए जाएंगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी महीने 28 फरवरी के आसपास बोत्सवाना से 8 चीते मध्यप्रदेश लाए जाएंगे. चीतों के पुनर्स्थापन के लिए केंद्रीय मंत्री यादव से आवश्यक सहयोग और व्यवस्थाओं पर भी विस्तृत रूप से बात की है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में यह जानकारी दी है.
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