वाशिंगटन: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक राजनीति को एक बार फिर उबाल पर ला दिया है. इस बीच महाशक्तियों के रुख और गठबंधनों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं. ऐसे माहौल में डोनाल्ड ट्रंप का बयान चर्चा का केंद्र बन गया है, जिसमें उन्होंने नाटो की भूमिका और अमेरिका की सैन्य क्षमता को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है.
नाटो को लेकर ट्रंप का बड़ा बयान
पश्चिम एशिया में ईरान को लेकर बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने नाटो को लेकर बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान में नाटो देशों की मदद की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य सफलता हासिल की है और वह किसी भी सहयोग के बिना भी अपने अभियान को आगे बढ़ा सकता है.
सहयोगी देशों की भूमिका पर उठाए सवाल
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि नाटो के कई सहयोगी देशों ने अमेरिका को साफ बता दिया है कि वे ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान में शामिल नहीं होना चाहते. ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस फैसले पर कोई हैरानी नहीं है. उनके अनुसार नाटो लंबे समय से एकतरफा व्यवस्था बन गया है, जिसमें अमेरिका दूसरे देशों की सुरक्षा पर भारी खर्च करता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर वही देश अमेरिका का साथ नहीं देते.
नाटो पर ट्रंप का तीखा हमला
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका हर साल अरबों डॉलर खर्च कर नाटो देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है. इसके बावजूद जब अमेरिका को जरूरत होती है तो वही देश पीछे हट जाते हैं. ट्रंप ने कहा कि उन्हें पहले से ही लगता था कि नाटो एक वन-वे स्ट्रीट की तरह है. यानी अमेरिका अपने सहयोगियों की रक्षा करता है, लेकिन बदले में उसे वही समर्थन नहीं मिलता.
ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का दावा
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका और इस्राइल की संयुक्त कार्रवाई से ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है. उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और एयर डिफेंस सिस्टम को लगभग खत्म कर दिया गया है. ट्रंप के अनुसार ईरान के कई सैन्य ठिकानों और रडार सिस्टम को भी नष्ट कर दिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के कई शीर्ष सैन्य नेता अब सक्रिय नहीं हैं.
#WATCH | US-Israel vs Iran war, US President Donald Trump says, "We have had great support from the Middle-East. Qatar has been great. UAE has been absolutely great. Saudi Arabia has been terrific. Bahrain has been very good. The Middle Eastern countries have been very strong in… pic.twitter.com/AlwOYIDmxA
— ANI (@ANI) March 17, 2026
पश्चिम एशिया के देशों का समर्थन
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में अमेरिका और इस्राइल को कई पश्चिम एशियाई देशों का मजबूत समर्थन मिला है. ट्रंप के अनुसार कतर, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और बहरीन ने अमेरिका के अभियान का खुलकर समर्थन किया है.
परमाणु खतरे को लेकर चिंता
ट्रंप ने कहा कि ईरान लंबे समय से वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है. उन्होंने दावा किया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से हर हाल में रोकना जरूरी है. ट्रंप के मुताबिक अगर ईरान को परमाणु हथियार मिल गया तो वह उसे बहुत जल्दी इस्तेमाल कर सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और इस्राइल के बीच इस अभियान में मजबूत सहयोग बना हुआ है.
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