Joe Kent Resigns: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. जो केंट ने अमेरिका के नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया है. उनका यह फैसला डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के लिए झटका माना जा रहा है. जो केंट ने कहा कि वह ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई का समर्थन नहीं कर सकते.
उनके मुताबिक यह फैसला उनकी अंतरात्मा के खिलाफ है, इसलिए उन्होंने पद छोड़ना बेहतर समझा. उन्होंने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि ईरान से अमेरिका को कोई तत्काल खतरा नहीं था. ऐसे में युद्ध की जरूरत नहीं थी. उनका मानना है कि बिना साफ खतरे के युद्ध शुरू करना सही नहीं है.
After much reflection, I have decided to resign from my position as Director of the National Counterterrorism Center, effective today.
— Joe Kent (@joekent16jan19) March 17, 2026
I cannot in good conscience support the ongoing war in Iran. Iran posed no imminent threat to our nation, and it is clear that we started this… pic.twitter.com/prtu86DpEr
ईरान युद्ध पर उठाए सवाल
जो केंट ने साफ कहा कि मौजूदा हालात में ईरान अमेरिका के लिए सीधे तौर पर खतरा नहीं था. उन्होंने दावा किया कि यह युद्ध सुरक्षा कारणों से नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव में शुरू किया गया. उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले में इस्राइल और अमेरिका में उसके प्रभावशाली समूहों का असर हो सकता है. केंट के अनुसार, ऐसी स्थिति में युद्ध करना सही नीति नहीं मानी जा सकती.
कौन हैं जो केंट
जो केंट अमेरिका के नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के प्रमुख थे. यह एजेंसी दुनिया भर में आतंकवाद से जुड़े खतरों का विश्लेषण करती है और उनसे निपटने की रणनीति तैयार करती है. उन्हें जुलाई में अमेरिकी सीनेट से 52-44 वोटों से मंजूरी मिली थी. इससे पहले वह राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं और वॉशिंगटन राज्य से चुनाव भी लड़ चुके हैं.
सैन्य और खुफिया अनुभव
जो केंट का करियर काफी मजबूत रहा है. वह अमेरिकी सेना में ग्रीन बेरेट कमांडो रह चुके हैं और कई मिशनों में हिस्सा ले चुके हैं. बताया जाता है कि वह 11 बार अलग-अलग तैनातियों पर रहे. सेना छोड़ने के बाद उन्होंने CIA के साथ भी काम किया. इसके बाद वह राजनीति में आए और फिर ट्रंप प्रशासन में अहम जिम्मेदारी संभाली.
ट्रंप प्रशासन पर असर
उनका इस्तीफा ऐसे समय पर आया है जब ईरान को लेकर अमेरिका की नीति पर दुनिया भर में चर्चा हो रही है. विशेषज्ञ मानते हैं कि आतंकवाद से जुड़ी इतनी बड़ी एजेंसी के प्रमुख का इस तरह इस्तीफा देना सरकार के लिए दबाव बढ़ा सकता है.
इससे न सिर्फ अमेरिका की ईरान नीति पर सवाल उठेंगे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी छवि पर असर पड़ सकता है. आने वाले समय में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है.
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