पाक-चीन के लिए काल! आखिर क्या है BLA? जिसे आतंकी संगठन घोषित करवाने के लिए ट्रंप के पैरों में गिरा मुनीर

Baloch Liberation Army: अमेरिका ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सक्रिय सशस्त्र संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसकी आत्मघाती विंग मजीद ब्रिगेड को विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) घोषित कर दिया है.

Death for Pakistan and China What is BLA Munir fell at Trump terrorist
Image Source: Social Media/ X

Baloch Liberation Army: अमेरिका ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सक्रिय सशस्त्र संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसकी आत्मघाती विंग मजीद ब्रिगेड को विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) घोषित कर दिया है. अमेरिकी विदेश विभाग के इस फैसले ने न केवल पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा रणनीतियों पर असर डाला है, बल्कि दक्षिण एशिया में अमेरिका की कूटनीति के इरादों को भी स्पष्ट कर दिया है.

यह फैसला ऐसे वक्त पर आया है जब वॉशिंगटन इस्लामाबाद के साथ अपने संबंधों को फिर से मजबूती देने की कोशिश में है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस निर्णय को आतंकवाद के खिलाफ ट्रंप प्रशासन की निर्णायक नीति का हिस्सा बताया.

संसाधनों से समृद्ध, राजनीति से उपेक्षित

पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिम में स्थित बलूचिस्तान, देश का सबसे बड़ा और सबसे कम आबादी वाला प्रांत है. यह क्षेत्र ईरान, अफगानिस्तान और अरब सागर से घिरा हुआ है और खनिज संपदा, कोयला, सोना, गैस और तांबे से भरपूर है. इसके बावजूद बलूचिस्तान आज भी पाकिस्तान का सबसे उपेक्षित और पिछड़ा इलाका बना हुआ है.

यहां की राजधानी क्वेटा है, जो रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ग्वादर पोर्ट के नजदीक स्थित है. चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) की आधारशिला यही है, जो चीन को सीधे अरब सागर से जोड़ता है. लेकिन स्थानीय बलूच लोगों का आरोप है कि उन्हें इन परियोजनाओं से कोई लाभ नहीं मिला, बल्कि उनके संसाधनों का दोहन हो रहा है और आवाजें कुचली जा रही हैं.

क्या है बीएलए (BLA)?

बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी एक अलगाववादी संगठन है जो बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग कर स्वतंत्र देश बनाने की मांग करता है. 2000 के दशक में यह संगठन तेजी से उभरा और इसे पाकिस्तान सरकार ने आतंकी संगठन घोषित कर दिया था. अमेरिका द्वारा भी इसे अब आधिकारिक रूप से आतंकी संगठन की सूची में डाल दिया गया है. इसका गठन बलूच जनता के लंबे समय से चल रहे असंतोष, जैसे राजनीतिक हाशिए पर डालना, संसाधनों की लूट और सैन्य दमन – के खिलाफ एक जवाब के रूप में हुआ था.

कब और कैसे उभरा बीएलए?

बीएलए का गठन 2000 के आसपास हुआ, लेकिन बलूच विद्रोह की नींव 1948 में ही रखी जा चुकी थी जब पाकिस्तान ने इस क्षेत्र को जबरन अपने में मिला लिया. कई दौरों में चले विद्रोह के बाद, बीएलए का नेतृत्व नवाब खैर बख्श मरी के बेटे बलाच मरी ने किया. 2006 में बलूच नेता नवाब अकबर बुगती की मौत ने विद्रोह को और भड़का दिया. इसके बाद बलाच मरी की हत्या हुई और संगठन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग गया.

कौन हैं इसके प्रमुख चेहरे?

बीएलए के मौजूदा नेता का नाम बशीर जैब बलूच है. उनके डिप्टी हम्माल रेहान मजीद ब्रिगेड की गतिविधियों की देखरेख करते हैं. वहीं एक पूर्व पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी रहमान गुल बलूच, अब संगठन की रणनीति और सैन्य संचालन को मजबूत कर रहा है.

बीएलए का खास पक्ष यह है कि इसमें आईटी विशेषज्ञ, पेशेवर और शिक्षित युवाओं की अच्छी-खासी भागीदारी है. सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इनकी पकड़ काफी मजबूत है.

आत्मघाती हमलों की विंग

बीएलए की आत्मघाती शाखा मजीद ब्रिगेड ने कराची में चीनी वाणिज्य दूतावास, ग्वादर के एक होटल और कई सीपीईसी से जुड़े ठिकानों पर हमले किए हैं. हाल ही में मार्च 2025 में इस संगठन ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक किया, जिसमें 31 लोग मारे गए और 300 से ज्यादा को बंधक बना लिया गया.

BLA की अमेरिका द्वारा आतंकी संगठन के रूप में मान्यता क्यों अहम है?
अमेरिका की यह घोषणा पाकिस्तान को कूटनीतिक और सैन्य सहयोग बढ़ाने के संकेत के रूप में देखी जा रही है. यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर BLA की गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद कर सकता है और साथ ही इसे मिलने वाली फंडिंग और समर्थन को भी रोकने का रास्ता साफ करता है.

यह भी पढ़ें- ट्रंप के साथ खेला कर रहा पाकिस्तान! इतिहास में छिपा है मुनीर के चापलूसी का सच, जानें पूरी कहानी