Pakistan Airforce Jet Crash: पाकिस्तान एयर फोर्स के लिए बीते दो दिन किसी बड़े झटके से कम नहीं रहे. लगातार दो दिनों में दो चीनी सैन्य विमान क्रैश होने के बाद अब पाकिस्तान की हवाई ताकत और चीन की रक्षा तकनीक दोनों पर सवाल उठने लगे हैं. पहले JF-17 Thunder फाइटर जेट हादसे का शिकार हुआ और फिर अगले ही दिन चाइनीज ट्रेनर एयरक्राफ्ट K-8 Karakorum भी जमीन पर आ गिरा. हालांकि दोनों हादसों में पायलट सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन विमानों का पूरी तरह तबाह हो जाना अब एक बड़ी बहस का कारण बन चुका है.
दो दिनों में दो जेट क्रैश से मचा हड़कंप
19 मई 2026 को पाकिस्तान के कामरा इलाके के पास JF-17 Thunder क्रैश हो गया. शुरुआती रिपोर्ट्स में तकनीकी खराबी को इसकी वजह बताया गया. इसके अगले ही दिन 20 मई को मियांवाली जिले में दूसरा हादसा हुआ, जहां FT-7PG/K-8P ट्रेनर जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया. लगातार दो दिनों में दो विमान हादसों ने पाकिस्तान एयर फोर्स की तकनीकी तैयारी और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सोशल मीडिया से लेकर रक्षा विशेषज्ञों तक हर जगह इन हादसों की चर्चा तेज हो गई है.
चीन के ‘भरोसेमंद’ जेट पर उठने लगे सवाल
चीन लंबे समय से JF-17 Thunder को कम कीमत वाला आधुनिक और भरोसेमंद लड़ाकू विमान बताकर दुनिया भर में बेचने की कोशिश करता रहा है. पाकिस्तान इस जेट का सबसे बड़ा ऑपरेटर माना जाता है और उसके बेड़े में करीब 150 चीनी फाइटर जेट शामिल बताए जाते हैं. लेकिन बार-बार हो रहे हादसों ने अब इस विमान की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि अगर सबसे ज्यादा इस्तेमाल करने वाले देश में ही जेट लगातार दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी छवि पर असर पड़ना तय है.
पहले भी कई हादसों का शिकार हो चुका है JF-17
यह पहली बार नहीं है जब JF-17 Thunder हादसे का शिकार हुआ हो. इससे पहले नवंबर 2011, सितंबर 2016, सितंबर 2020 और अगस्त 2021 में भी इस विमान के क्रैश होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इसके अलावा 2024 और 2025 के दौरान भी कई तकनीकी गड़बड़ियों और हादसों की खबरें आई थीं. खास बात यह है कि ये हादसे किसी युद्ध के दौरान नहीं बल्कि सामान्य उड़ानों और प्रशिक्षण मिशनों में हुए, जिससे विमान की तकनीकी मजबूती पर लगातार बहस होती रही है.
दूसरे देशों ने भी जताई थी चिंता
चीन ने पाकिस्तान के जरिए इस जेट को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रमोट करने की कोशिश की थी, लेकिन अब वही पाकिस्तान उसकी सबसे बड़ी परेशानी बनता दिख रहा है. म्यांमार ने भी पाकिस्तान से JF-17 Thunder खरीदे थे, लेकिन बाद में इंजन और रडार से जुड़ी समस्याओं के कारण उन्हें ग्राउंड कर दिया गया. वहीं Nigeria ने भी अपने कई JF-17 विमानों को उड़ान से बाहर कर दिया था. इन घटनाओं ने चीन की डिफेंस टेक्नोलॉजी पर भरोसे को कमजोर किया है और अब नए ग्राहक भी सतर्क नजर आ रहे हैं.
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