जलेगा अमेरिका! चीन पहुंचेगा दिल्ली और भारत के विदेश मंत्री जाएंगे मॉस्को; भारत नहीं झेलेगा ट्रंप के टैन्ट्रम!

China Foriegn Minister Delhi Visit: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत पर टैरिफ बढ़ाने और आर्थिक दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं. उनका उद्देश्य भारत को झुकाना है, लेकिन मोदी सरकार सीना तानकर राष्ट्रहित के लिए डटी हुई है.

China Foriegn Minister Delhi Visit Jaishankar Moscow Visit amid tension of america tariff
जलेगा अमेरिका! चीन पहुंचेगा दिल्ली और भारत के विदेश मंत्री जाएंगे मॉस्को

China Foriegn Minister Delhi Visit: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत पर टैरिफ बढ़ाने और आर्थिक दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं. उनका उद्देश्य भारत को झुकाना है, लेकिन मोदी सरकार सीना तानकर राष्ट्रहित के लिए डटी हुई है. सरकार का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी निर्णय में देश के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी.

भारत अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ट्रंप को स्पष्ट संदेश भेज रहा है. वह ऐसे कदम उठा रहा है, जो अमेरिका को बिल्कुल पसंद नहीं हैं. दरअसल, भारत ने न केवल रूस के साथ अपनी दोस्ती को और मजबूत किया है, बल्कि चीन के साथ संबंधों को सुधारने की दिशा में भी पहल की है.

रूस और भारत की मजबूत होती दोस्ती

ट्रंप चाहते हैं कि भारत रूस से दूरी बनाए, लेकिन इसके विपरीत भारत मॉस्को के और करीब जा रहा है. इस दिशा में कदम के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अब विदेश मंत्री एस. जयशंकर रूस दौरे पर जा रहे हैं. रूस की सरकार के अनुसार, 21 अगस्त को जयशंकर की रूसी विदेश मंत्री के साथ मुलाकात होगी. 

इस बैठक के कुछ ही दिन बाद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सितंबर में भारत दौरे पर आएंगे. रूस से तेल खरीद जारी रखना और कूटनीतिक सहयोग बढ़ाना भारत के लिए राष्ट्रीय हित है, जबकि ट्रंप इसे पसंद नहीं कर रहे हैं. रूस ने साफ कहा है कि भारत को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार निर्णय लेने का अधिकार है.

चीन के साथ रिश्तों में सुधार

भारत सिर्फ रूस से ही नहीं, बल्कि चीन के साथ संबंधों को भी संतुलित कर रहा है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी 18 अगस्त को नई दिल्ली आ सकते हैं और उनकी मुलाकात अजीत डोभाल से हो सकती है. यह दौरा ऑपरेशन सिंदूर के बाद चीन का भारत पहला दौरा होगा और SCO समिट से पहले हो रहा है. 31 अगस्त से 1 सितंबर को चीन में होने वाले SCO सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भाग लेंगे. मोदी 7 साल बाद चीन आएंगे. इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, NSA अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर चीन दौरे पर जा चुके हैं.

ट्रंप की कुछ अपेक्षाओं को भारत ने नकारा

टैरिफ पर झुकाव नहीं: ट्रंप चाहते थे कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करे और डेयरी व फार्म सेक्टर अमेरिका के लिए खोल दे, लेकिन भारत ने साफ मना किया. यही कारण है कि ट्रंप ने भारत पर टैरिफ बढ़ाए. पहले 25 प्रतिशत, बाद में 50 प्रतिशत. सीजफायर का श्रेय नहीं दिया: ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच शांति स्थापित कराई. पाकिस्तान ने उनका आभार जताया, लेकिन भारत ने इस पर कोई श्रेय नहीं दिया.

नोबेल पुरस्कार की नॉमिनेशन: ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार की इच्छा रखते हैं. वह भारत-पाकिस्तान, इजराइल-ईरान और अजरबैजान-आर्मेनिया संघर्षों को समाप्त करने का श्रेय खुद को देना चाहते थे. पाकिस्तान और अन्य देश उन्हें नॉमिनेट कर चुके हैं, लेकिन भारत की तरफ से कोई समर्थन नहीं मिला.

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