India Russia Relations: रूस और भारत की दोस्ती को लेकर रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि दुनिया में हालात चाहे जैसे भी हों, रूस भारत को अपना सबसे भरोसेमंद दोस्त मानता है. दिल्ली आने से पहले उन्होंने साफ कहा कि “हिंदी-रूसी भाई-भाई” अब सिर्फ नारा नहीं, बल्कि दोनों देशों के रिश्तों की पहचान बन चुका है.
सर्गेई लावरोव ने कहा कि भारत और रूस के रिश्ते बहुत मजबूत हैं और दोनों देशों के बीच गहरा भरोसा है. उन्होंने कहा कि रूस के लोगों के दिल में भारत के लिए खास जगह है और दोनों देशों की दोस्ती इतनी मजबूत है कि इसे कोई कमजोर नहीं कर सकता.
This evening, had a productive exchange of views with FM Sergey Lavrov of Russia here in Delhi.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) May 13, 2026
Our conversation touched upon several aspects of the 🇮🇳🇷🇺 Special & Privileged Strategic Partnership, including trade & investment, energy & connectivity, science & technology, as… pic.twitter.com/3EiTGhBbhK
पीएम मोदी की जमकर तारीफ
लावरोव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी दुनिया के सबसे ऊर्जावान नेताओं में से एक हैं. उनके मुताबिक, मोदी भारत को आर्थिक, रक्षा और सांस्कृतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं.
भारत को ऊर्जा सप्लाई जारी रखने का भरोसा
दुनिया में चल रहे ऊर्जा संकट के बीच रूस ने भारत को भरोसा दिया है कि तेल, गैस और कोयले की सप्लाई में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी. लावरोव ने कहा कि बाहरी दबाव और प्रतिस्पर्धा के बावजूद रूस भारत के साथ अपने सभी समझौते निभाएगा.
कुडनकुलम परियोजना का भी किया जिक्र
रूसी विदेश मंत्री ने तमिलनाडु में बन रहे कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र को भारत-रूस सहयोग का बड़ा उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी. उम्मीद है कि यह प्लांट 2027 तक पूरी क्षमता से काम करने लगेगा.
भारत-रूस रिश्तों को कमजोर करने वालों को जवाब
लावरोव ने कहा कि कुछ देश भारत और रूस की दोस्ती को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोशिशें सफल नहीं होंगी. उन्होंने कहा कि भारत और रूस दोनों एक-दूसरे पर भरोसा करते हैं और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है.
BRICS बैठक में होगी अहम चर्चा
दिल्ली दौरे के दौरान सर्गेई लावरोव BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे. इस दौरान भारत और रूस के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हो सकती है. इसमें ऊर्जा, व्यापार, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय हालात जैसे विषय शामिल रहेंगे.
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