इस्लामाबाद: पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर बड़ा आतंकी हमला हुआ है. जियारत जिले में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक पुलिस चौकी पर हमला कर दिया. शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस हमले में 17 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं.
रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 15 पुलिसकर्मी लापता भी हैं. कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हमलावर उन्हें अपने साथ ले गए हैं, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
दो थाना प्रभारी भी मारे गए
बताया जा रहा है कि हमले में मारे गए पुलिसकर्मियों में दो थाना प्रभारी (SHO) भी शामिल हैं. यह हमला जियारत के मंगी डैम के पास स्थित पुलिस चौकी पर हुआ, जहां भारी हथियारों से लैस हमलावरों ने अचानक हमला बोल दिया.
हमले के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. लापता पुलिसकर्मियों और हमलावरों की तलाश के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबलों को भी तैनात किया गया है.
BLA ने ली हमले की जिम्मेदारी
बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है. संगठन का कहना है कि उसने मंगी डैम के पास मौजूद पुलिस चौकी को निशाना बनाया था.
हमले में मारे गए पुलिसकर्मियों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद उनके पैतृक गांवों और शहरों में अंतिम संस्कार के लिए भेजा जा रहा है.
एक महीने में कई बड़े हमले
पिछले करीब एक महीने के दौरान बलूचिस्तान में BLA ने कई बड़े हमलों का दावा किया है.
पुलिस चौकी पर हमले से पहले संगठन ने 27 और 28 जून को जियारत में दो सैन्य शिविरों पर हमला करने का दावा किया था. BLA का कहना था कि इस हमले में कई सुरक्षाकर्मी मारे गए और शिविरों से हथियार भी कब्जे में लिए गए. हालांकि पाकिस्तान की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई.
इसके बाद 3 और 4 जुलाई को ग्वादर के जिवानी इलाके में कोस्ट गार्ड कैंप पर आत्मघाती हमला किया गया. BLA की मजीद ब्रिगेड ने विस्फोटकों से भरे वाहन से हमला करने का दावा किया.
संगठन ने इस हमले में 30 से अधिक सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने का दावा किया है, लेकिन पाकिस्तान सरकार या सेना ने इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
ये भी पढ़ें- लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ अमेरिका में ताबड़तोड़ एक्शन, 24 गिरफ्तार, क्या है 'ऑपरेशन हार्ड बॉल'?