बिहार में 22 हजार आंगनवाड़ी भर्तियां, फिर शुरू होगी चीनी मिल... पढ़ें सम्राट सरकार के बड़े फैसले

बिहार सरकार ने राज्य में रोजगार, बुनियादी ढांचे और कृषि अर्थव्यवस्था को नई गति देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई है. कैबिनेट बैठक में एक साथ ऐसे प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनका सीधा असर लाखों लोगों के जीवन और राज्य के विकास पर पड़ने की उम्मीद है.

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पटना: बिहार सरकार ने राज्य में रोजगार, बुनियादी ढांचे और कृषि अर्थव्यवस्था को नई गति देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई है. कैबिनेट बैठक में एक साथ ऐसे प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनका सीधा असर लाखों लोगों के जीवन और राज्य के विकास पर पड़ने की उम्मीद है. खासतौर पर आंगनवाड़ी सेविका और सहायिका के 22 हजार पदों पर होने वाली नियुक्तियां लंबे समय से रोजगार का इंतजार कर रहे युवाओं और महिलाओं के लिए बड़ी राहत मानी जा रही हैं, जबकि वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने का निर्णय स्थानीय उद्योग और किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है.

आंगनवाड़ी भर्ती और चीनी मिलों को मिलेगा नया जीवन

कैबिनेट ने राज्य में आंगनवाड़ी सेविका और सहायिका के 22 हजार रिक्त पदों पर बहाली को मंजूरी देकर महिला सशक्तिकरण और रोजगार बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. इसके साथ ही दरभंगा के रैयाम और मधुबनी के सकरी स्थित लंबे समय से बंद पड़े चीनी मिलों को फिर से संचालित करने का फैसला भी लिया गया है. सरकार का मानना है कि इन मिलों के शुरू होने से गन्ना किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

सड़क, पुल, पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं को मिली स्वीकृति

राज्य में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है. जमुई जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग-333A पर दो उच्च स्तरीय आरसीसी पुलों के निर्माण को मंजूरी मिली है, वहीं सुकन्या नदी पर लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से नए पुल का निर्माण भी स्वीकृत किया गया है. इसके अलावा लखीसराय जल परियोजना के लिए 150 करोड़ रुपये और किशनगंज जलापूर्ति योजना के लिए 53 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है. सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से आवागमन बेहतर होगा, सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी और हजारों लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा.

कृषि और सहकारिता को बढ़ावा देने पर सरकार का जोर

कैबिनेट बैठक में बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के तहत सहकारी व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई. इस पहल का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना, सब्जियों के प्रसंस्करण को बढ़ावा देना और कृषि उत्पादों की आधुनिक विपणन व्यवस्था विकसित करना है. सरकार का मानना है कि रोजगार, कृषि, उद्योग और बुनियादी ढांचे से जुड़े इन फैसलों का संयुक्त प्रभाव राज्य की आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार देगा और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के नए अवसर पैदा करेगा.

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