कानून व्यवस्था संभल नहीं रही और दोष...यूनुस के बयान पर भारत ने लगाई लताड़

बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता के बीच हिंसक घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि वहां की अंतरिम सरकार अब हिंसा पर काबू पाने में नाकामी का ठीकरा भारत पर फोड़ने की कोशिश कर रही है.

Bangladesh Muhammad Yunus alleges india spreading fake news involvement in clash
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बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता के बीच हिंसक घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि वहां की अंतरिम सरकार अब हिंसा पर काबू पाने में नाकामी का ठीकरा भारत पर फोड़ने की कोशिश कर रही है. इस पर भारत ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे झूठे और आधारहीन आरोप पूरी तरह अस्वीकार्य हैं.

बीते सप्ताह बांग्लादेश के खगराछारी ज़िले में आदिवासी समुदाय के साथ हुई हिंसक झड़पों के बाद, बांग्लादेश के कार्यवाहक गृह मंत्री जहांगीर आलम चौधरी ने भारत पर क्षेत्र में अशांति फैलाने का आरोप लगाया था. इस पर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साफ शब्दों में कहा कि, भारत इन आरोपों को सिरे से खारिज करता है. 

निराधार और भ्रामक है

यह बयान न केवल निराधार और भ्रामक है, बल्कि एक ज़िम्मेदार पड़ोसी देश पर अनावश्यक शक भी पैदा करता है.” जायसवाल ने यह भी कहा कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार खुद अपने देश की कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल हो रही है, और इस विफलता की जिम्मेदारी लेने के बजाय वो दूसरों पर दोष डालने का प्रयास कर रही है.

खगराछारी में हिंसा के बाद आरोपों की बौछार

गौरतलब है कि खगराछारी में एक कथित बलात्कार की घटना के बाद हालात बेकाबू हो गए थे. झड़पों के दौरान तीन आदिवासी पुरुषों की हत्या कर दी गई थी. इसके बाद से बांग्लादेशी अधिकारी अलग-अलग दिशाओं में आरोप लगाते नज़र आ रहे हैं. भारत का साफ कहना है कि उसे इस तरह के भीतरूनी मामलों में घसीटना न तो तर्कसंगत है और न ही स्वीकार्य.

हिंदू समुदाय बना निशाना

राजनीतिक अस्थिरता का सबसे ज़्यादा असर बांग्लादेश के अल्पसंख्यक समुदायों, विशेषकर हिंदुओं पर पड़ता दिख रहा है. राइट्स एंड रिस्क्स एनालिसिस ग्रुप (RRAG) की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2024 से फरवरी 2025 तक देश में 1,254 से अधिक हिंसक घटनाएं सामने आईं, जिनमें कई में हिंदू समुदाय को निशाना बनाया गया.संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा पर चिंता जताई गई है.

भारत की चेतावनी: ‘बयानबाजी रोके ढाका’

भारत ने साफ किया है कि वह क्षेत्रीय स्थिरता और शांति का पक्षधर है, लेकिन किसी भी गलत जानकारी या आरोप को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा. विदेश मंत्रालय ने ढाका को यह संदेश भी दिया है किभारत के साथ मजबूत रिश्ते तभी संभव हैं जब पारदर्शिता और आपसी सम्मान कायम रहे.

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