शहबाज-मुनीर की परेशानी बढ़ी! BLA के बाद इस संगठन ने पाकिस्तानी सेना पर बरपाया कहर, किया बड़ा दावा

TTP Attacks In Balochistan: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सुरक्षाबलों पर बड़ा हमला हुआ है. पिशिन जिले के जियारत क्रॉस इलाके में हुई इस घटना में पाकिस्तानी सुरक्षाबल के 5 जवानों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं.

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TTP Attacks In Balochistan: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सुरक्षाबलों पर बड़ा हमला हुआ है. पिशिन जिले के जियारत क्रॉस इलाके में हुई इस घटना में पाकिस्तानी सुरक्षाबल के 5 जवानों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं. यह जगह एक अहम जंक्शन और सुरक्षा जांच चौकी के तौर पर जानी जाती है. हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने ली है.

बलूचिस्तान में इस तरह का हमला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि यह इलाका आमतौर पर बलूच विद्रोही संगठनों की गतिविधियों के लिए जाना जाता है. ऐसे में यहां TTP का हमला पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था के लिए नई चुनौती बन सकता है.

पाकिस्तानी सेना का कैप्टन भी मारा गया

पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में मारे गए जवानों में सेना के कैप्टन जियाउल्लाह भी शामिल हैं. हमले के दौरान सुरक्षाबलों और हमलावरों के बीच काफी देर तक गोलीबारी हुई. रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावरों ने पुलिस पोस्ट और कस्टम से जुड़ी जगहों को भी निशाना बनाया. कस्टम गोदाम और वहां खड़ी कुछ गाड़ियों में आग लगाए जाने की बात भी सामने आई है.

TTP ने हमले की जिम्मेदारी ली

TTP ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उसके विशेष दस्ते ने जियारत क्रॉस पर कार्रवाई की. संगठन ने दावा किया कि इस हमले में 15 सुरक्षाकर्मी मारे गए या घायल हुए हैं.

TTP ने यह भी दावा किया कि उसके लड़ाकों ने सुरक्षाबलों के कुछ हथियार अपने कब्जे में लिए और एक ड्रोन को भी गिराया. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. यह हमला ऐसे समय हुआ है जब बलूचिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) भी पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के खिलाफ लगातार हमले कर रही है.

बलूचिस्तान में TTP की बढ़ती मौजूदगी चिंता की वजह

बलूचिस्तान लंबे समय से बलूच विद्रोही संगठनों और पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के बीच संघर्ष का केंद्र रहा है. BLA जैसे संगठन बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करने की मांग करते हैं और सुरक्षा बलों को निशाना बनाते रहे हैं.

अब अगर TTP भी इस इलाके में अपनी गतिविधियां बढ़ाता है, तो पाकिस्तान के लिए मुश्किल और बढ़ सकती है. खासकर चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ सकती है. बलूचिस्तान में एक साथ अलग-अलग आतंकी और विद्रोही संगठनों की मौजूदगी पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है.

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