नई दिल्ली: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे के दौरान भारतीय तिरंगे के कथित अपमान का मामला अब गंभीर होता जा रहा है. न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में हुई इस घटना को लेकर भारत सरकार की एजेंसियां जानकारी जुटाने में लगी हैं.
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों की जांच की जा रही है. इनकी मदद से उन लोगों की पहचान करने की कोशिश हो रही है, जो कथित तौर पर तिरंगे के अपमान में शामिल थे.
जल्द दर्ज हो सकती है एफआईआर
सूत्रों के मुताबिक, मामले में जल्द एफआईआर दर्ज की जा सकती है. फिलहाल घटना से जुड़ी पूरी जानकारी जुटाई जा रही है. एजेंसियां वीडियो और तस्वीरों की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे.
बताया जा रहा है कि पहचान होने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ नामजद कार्रवाई की दिशा में कदम उठाया जा सकता है.
किरेन रिजिजू ने दी थी कड़ी चेतावनी
घटना को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी नाराजगी जताई थी. उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि भारतीय झंडे और देश का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने इस तरह की हरकत करने वालों को चेतावनी भी दी.
वीडियो के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश
भारतीय एजेंसियां सिर्फ सामने दिख रहे लोगों की पहचान तक सीमित नहीं रहना चाहतीं. सूत्रों के अनुसार, जांच में यह पता लगाने की भी कोशिश की जाएगी कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कौन लोग थे और इसे लेकर कोई योजना बनाई गई थी या नहीं.
सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो और तस्वीरों को जांच का अहम आधार बनाया जा रहा है. पहचान और अन्य जानकारी सामने आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
अमेरिका में भारतीय झंडे से जुड़ी इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं. ऐसे में इस मामले को लेकर भारतीय एजेंसियां हर पहलू की जांच कर रही हैं.
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