पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ और देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF), फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर ने शनिवार को एक अहम बयान दिया. भारत की सीमा के नजदीक खड़े होकर उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना देश को मिलने वाली बाहरी और आंतरिक दोनों तरह की चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.
उनका यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में हाल के महीनों में फिर से तनाव देखने को मिला है. सीमा के पास जाकर दिया गया यह संदेश रणनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है.
गुजरांवाला और सियालकोट छावनियों का दौरा
जनरल मुनीर ने भारत से सटे पाकिस्तान के गुजरांवाला और सियालकोट कैंटोनमेंट इलाकों का दौरा किया. इस दौरे के दौरान पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि सेना शत्रुतापूर्ण “हाइब्रिड युद्ध”, उग्रवादी विचारधाराओं और देश की स्थिरता को नुकसान पहुंचाने वाले विभाजनकारी तत्वों से उत्पन्न खतरों का सामना करने के लिए तैयार है.
सेना के अनुसार, ये खतरे केवल सीमाओं से नहीं, बल्कि देश के भीतर से भी पैदा हो रहे हैं, जिनसे निपटना मौजूदा सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा है.
युद्ध तैयारी और सैन्य क्षमता पर दी जानकारी
दौरे के दौरान जनरल मुनीर को सेना की ऑपरेशनल रेडीनेस, युद्ध क्षमता बढ़ाने से जुड़ी पहलों और मौजूदा रणनीतिक योजनाओं पर विस्तृत ब्रीफिंग दी गई. उन्होंने अधिकारियों और जवानों से सीधे बातचीत की और उनके ऊंचे मनोबल तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की.
पाकिस्तानी सेना के बयान में कहा गया कि सेना नेतृत्व मौजूदा हालात में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सजग है.
आधुनिक युद्ध और तकनीक पर जोर
जनरल मुनीर ने अपने दौरे के दौरान एक फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज और एडवांस्ड सिम्युलेटर ट्रेनिंग फैसिलिटी का भी निरीक्षण किया. उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, पेशेवर मानकों और सैनिकों की तैयारी को लेकर संतोष जताया.
आधुनिक युद्ध की प्रकृति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज की लड़ाइयों में:
सबसे ज्यादा मायने रखती है. उन्होंने बदलती सैन्य तकनीक को अपनाने और मिशन-केंद्रित प्रशिक्षण को और मजबूत करने की जरूरत पर भी बल दिया.
भारत-पाक तनाव के बीच आया बयान
आसिम मुनीर का यह दौरा और बयान ऐसे वक्त आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया घटनाओं के चलते तनाव बना हुआ है. 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी. इसके जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया.
इस ऑपरेशन के तहत भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और उन्हें नष्ट किया. इसके बाद दोनों देशों के बीच करीब चार दिनों तक तीखी सैन्य झड़पें चलीं. 10 मई को दोनों पक्षों की आपसी सहमति के बाद सैन्य कार्रवाई रोक दी गई थी.
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