अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव अब गंभीर रूप ले चुका है. पिछले महीने पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई हमले किए थे, जिसके बाद तालिबान ने जमीनी स्तर पर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. इस टकराव में पाकिस्तान को नुकसान होने की खबरें सामने आई हैं. इसी बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने इन हमलों की कड़ी आलोचना करते हुए अफगानिस्तान की संप्रभुता का समर्थन किया है.
पाकिस्तान के हवाई हमले
22 फरवरी को पाकिस्तान वायुसेना ने अफगानिस्तान के नानगरहार, पक्टिका और खोस्त प्रांतों में एयर स्ट्राइक की थी. पाकिस्तान ने इन हमलों को खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया ऑपरेशन बताया और कहा कि इसका निशाना तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और आईएसआईएस-के के ठिकाने थे.
हालांकि अफगानिस्तान और संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट्स के अनुसार इन हमलों में कम से कम 18 नागरिकों की मौत हुई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे.
तालिबान की जवाबी कार्रवाई
पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक के बाद तालिबान ने पलटवार किया. रिपोर्ट्स के मुताबिक अफगान लड़ाकों ने खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में पाकिस्तानी बॉर्डर पोस्टों को निशाना बनाया और कई चौकियों पर हमले किए. दोनों पक्षों के बीच ड्रोन, तोपखाने और जमीनी झड़पों की खबरें सामने आई हैं.
पाकिस्तान ने इसके बाद ‘ऑपरेशन जगब लिल हक’ नाम से सैन्य अभियान शुरू करने का ऐलान किया. इस संघर्ष में दोनों पक्षों को नुकसान होने की बात कही जा रही है, हालांकि आंकड़ों को लेकर अलग-अलग दावे हैं.
संयुक्त राष्ट्र में भारत का बयान
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि ये हमले अफगानिस्तान की संप्रभुता, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं.
हरीश ने यह भी कहा कि रमजान के पवित्र महीने में महिलाओं और बच्चों की मौत बेहद दुखद है. उन्होंने सीमा पार हिंसा के कारण आम नागरिकों की जान जाने पर गंभीर चिंता जताई.
आतंकवाद के खिलाफ सहयोग की अपील
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह आईएसआईएल, अल-कायदा, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करे.
भारत ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान जैसे लैंडलॉक देश की कमजोरियों का फायदा उठाकर हथियारों और आतंकवाद को बढ़ावा देना स्वीकार नहीं किया जा सकता.
अफगानिस्तान में भारत की मदद
भारत ने अफगानिस्तान के साथ अपने ऐतिहासिक संबंधों को दोहराते हुए कहा कि वह वहां विकास कार्यों में सहयोग जारी रखेगा. अभी अफगानिस्तान के 34 प्रांतों में भारत की 500 से अधिक विकास परियोजनाएं चल रही हैं.
पिछले तीन महीनों में भारत ने अफगानिस्तान को 10 लाख वैक्सीन और लगभग 9.5 टन कैंसर-रोधी दवाएं भी भेजी हैं. इसके अलावा खाद्य सुरक्षा, शिक्षा, भूकंप राहत और नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान में भी भारत मदद कर रहा है.
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