Amit Shah Deepfake Video
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के डीपफेक मॉर्फ्ड वीडियो मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को आरोपी अरुण रेड्डी को जमानत दे दी. इन्होंने कथित तौर पर 'स्पिरिट ऑफ कांग्रेस' एक्स अकाउंट को संभाला था. 50,000 रुपये की राशि में जमानत बांड भरने के बाद इनको कोर्ट से जमानत दी गई.
व्हाट्सअप ग्रुप का एडमिन था आवेदक
मजिस्ट्रेट नबीला वली ने सोमवार को कहा कि आवेदक/आरोपी के खिलाफ मुख्य आरोप जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया था वह उस व्हाट्सअप ग्रुप का 'एडमिन' है जिस पर कथित फर्जी वीडियो पहली बार प्रसारित करने के लिए पोस्ट किया गया था. हालांकि आवेदक/अभियुक्त पर उक्त वीडियो को किसी मंच पर पोस्ट/प्रसारित करने का कोई आरोप नहीं है.
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दिल्ली पुलिस ने किया था गिरफ्तार
बता दें रेड्डी को हाल ही में दिल्ली पुलिस ने मामले में गिरफ्तार किया था और वह न्यायिक हिरासत में थे. पुलिस के मुताबिक वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 'डीपफेक मॉर्फ्ड वीडियो' मामले में 'स्पिरिट ऑफ कांग्रेस' एक्स अकाउंट नाम के ग्रुप को संभालता है. इस मामले में अरुण रेड्डी को गिरफ्तार किया था.
वीडियो में बताया गया BJP आरक्षण के खिलाफ
छेड़छाड़ किए गए वीडियो में केंद्रीय गृह मंत्री को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि भाजपा देश में आरक्षण के खिलाफ है. हालांकि, कांग्रेस शासित तेलंगाना में एक सार्वजनिक बैठक में अपने संबोधन के दौरान, शाह ने कहा, "अगर बीजेपी यहां सरकार बनाती है, तो हम मुसलमानों को असंवैधानिक आरक्षण वापस ले लेंगे. हम सुनिश्चित करेंगे कि एससी, एसटी और ओबीसी को संविधान के तहत गारंटी के अनुसार कोटा मिले."
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