Zubair Baloch Shooting: पाकिस्तान के कराची शहर के ल्यारी इलाके में गुरुवार शाम गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई जुबैर बलोच पर हमला हुआ. बताया जा रहा है कि वह अपने घर के बाहर बैठा था, तभी मोटरसाइकिल पर आए हथियारबंद लोगों ने उस पर कई राउंड गोलियां चला दीं. हमले में जुबैर बलोच गंभीर रूप से घायल हो गया. वहीं, गोलीबारी की चपेट में आने से दो राहगीर भी घायल हो गए.
अस्पताल में चल रहा इलाज
घटना के तुरंत बाद तीनों घायलों को कराची के सिविल अस्पताल ले जाया गया. पुलिस के मुताबिक, जुबैर के सीने और पेट में कई गोलियां लगी हैं. डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताई है और उसका ऑपरेशन किया जा रहा है. घायल राहगीरों में से एक की हालत भी नाजुक बताई जा रही है.
हमलावर मौके से फरार
पुलिस के अनुसार, हमला करने के बाद सभी हमलावर मौके से फरार हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हमलावरों ने अपने चेहरे ढके हुए थे. घटना के दौरान पास की एक दुकान के मालिक ने जवाबी फायरिंग भी की, जिसके बाद हमलावर वहां से भाग निकले.
Zubair Baloch, the 40-year-old brother of imprisoned gang leader Uzair Baloch, was shot and critically injured in a drive-by shooting on Chakiwara Road in Karachi's Lyari neighborhood.
— The Guptchar Brief (@GuptcharBrief) July 30, 2026
According to South DIG Syed Asad Raza, armed assailants on a motorcycle opened fire while… pic.twitter.com/nDuXCCZ8us
कई एंगल से हो रही जांच
दक्षिण कराची के डीआईजी सैयद असद रजा ने बताया कि पुलिस इस मामले की कई पहलुओं से जांच कर रही है. जांच में गैंगवार और पुरानी दुश्मनी दोनों पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है. पुलिस ने यह भी बताया कि जुबैर बलोच पहले कई आपराधिक मामलों में गिरफ्तार हो चुका है और जनवरी 2025 में जेल से रिहा हुआ था.
गैंगवार लौटने की आशंका
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के महीनों में कुछ पुराने गैंगस्टर कराची लौटे हैं. इसके बाद इलाके में एक बार फिर गैंगवार शुरू होने की आशंका बढ़ गई है. कुछ लोगों का दावा है कि जुबैर हाल ही में एक राजनीतिक दल से भी जुड़ा था और इलाके में उस पार्टी की गतिविधियों में हिस्सा ले रहा था.
उजैर बलोच पर भी चल रहे हैं कई मामले
जुबैर का भाई उजैर बलोच फिलहाल जेल में बंद है. उसके खिलाफ हत्या, पुलिस पर हमला, विस्फोटक रखने और अन्य कई गंभीर मामलों की सुनवाई चल रही है. इससे पहले एक सैन्य अदालत भी उसे जासूसी के मामले में दोषी ठहरा चुकी है और उसे जेल की सजा सुनाई गई थी. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जुबैर पर हुए हमले के पीछे किसका हाथ है और इसका किसी पुराने गैंग विवाद से संबंध है या नहीं.