भारत की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अमेरिका से अपाचे अटैक हेलिकॉप्टरों की पहली खेप इसी सप्ताह भारत पहुंचने वाली है. ये हेलिकॉप्टर भारतीय सेना की शक्ति को बढ़ाएंगे, खासकर पाकिस्तान से लगी सीमा पर. इन अपाचे AH-64E हेलिकॉप्टरों की खासियत यह है कि ये न सिर्फ दिन के समय, बल्कि रात के अंधेरे में भी दुश्मन के ठिकानों का सही-सही पता लगाकर उन पर सटीक हमला कर सकते हैं.
अपाचे हेलिकॉप्टर की ताकत और विशेषताएं
इन हेलिकॉप्टरों को 'हवाई टैंक' के रूप में जाना जाता है और यह अमेरिकी सेना में कई वर्षों से इस्तेमाल हो रहे हैं. भारत को जो पहली खेप मिलने जा रही है, उसमें तीन अपाचे हेलिकॉप्टर होंगे. इन हेलिकॉप्टरों में अत्याधुनिक नाइट विजन और नेविगेशन सिस्टम की सुविधा है, जिससे ये रात के अंधेरे में भी दुश्मन के ठिकानों का सटीक पता लगाकर उन पर हमला कर सकते हैं.
इनकी तैनाती भारतीय सेना की रणनीति का अहम हिस्सा बन सकती है, खासकर पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर. भारत ने पहले ही अपने एयरफोर्स के लिए इन हेलिकॉप्टरों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार कर लिया था, जो जोधपुर में पिछले 15 महीने से काम कर रहा था, हालांकि डिलिवरी में कुछ देरी हो गई थी.
भारत और अमेरिका के बीच सहयोग
भारत ने 2015 में अमेरिका से 22 अपाचे हेलिकॉप्टरों की डील की थी, जिनकी डिलिवरी 2020 में पूरी हो गई थी. इसके बाद, 2020 में भारत ने और 6 अपाचे हेलिकॉप्टर खरीदने की योजना बनाई थी, जिसकी डिलिवरी में कुछ देरी हुई, लेकिन अब यह अपाचे हेलिकॉप्टर भारत की सेनाओं के पास होंगे. भारत ने बोइंग और टाटा के सहयोग से हैदराबाद में एक जॉइंट वेंचर भी स्थापित किया है, जहां एक अपाचे हेलिकॉप्टर 2023 में भारतीय सेना को सौंपा गया. इसकी विशेषता यह है कि यह हर मौसम में डेटा प्राप्त कर सटीक हमले कर सकता है.
सेना को मजबूती प्रदान करेगी
अपाचे हेलिकॉप्टरों की यह खेप भारतीय सेना को आंतरिक और बाहरी सुरक्षा में मजबूती प्रदान करेगी. इसके अलावा, इन हेलिकॉप्टरों का उपयोग शांति और सुरक्षा ऑपरेशनों के लिए भी किया जा सकता है, जो भारतीय सेना को और भी प्रभावी बना देगा.
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