तेहरान पर बड़ा हमला के फेर में अमेरिका! ईरान की तरफ यूएस का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर रवाना

USS Gerald R. Ford In Iran: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है. इसी बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य तैनाती और मजबूत कर रहा है. ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका अपना सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R. Ford क्षेत्र में भेज रहा है.

America planning major attack on Tehran largest aircraft carrier USS Gerald R. Ford leaves for Iran
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USS Gerald R. Ford In Iran: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है. इसी बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य तैनाती और मजबूत कर रहा है. ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका अपना सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R. Ford क्षेत्र में भेज रहा है. यह जानकारी अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से सामने आई है.

अधिकारियों के अनुसार, इस एयरक्राफ्ट कैरियर को मिडिल ईस्ट पहुंचने में करीब एक हफ्ता लग सकता है. वहां पहले से ही अमेरिकी नौसेना के कई युद्धपोत और एक और एयरक्राफ्ट कैरियर मौजूद हैं. इस कदम से समुद्र और आसमान दोनों रास्तों से ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ने की संभावना मानी जा रही है.

दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर क्या है खास?

USS जेराल्ड आर. फोर्ड एक न्यूक्लियर-पावर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर है. इस पर 75 से ज्यादा लड़ाकू और सपोर्ट एयरक्राफ्ट तैनात किए जा सकते हैं. इसमें एफ-18 सुपर हॉर्नेट जैसे फाइटर जेट और ई-2 हॉकआई जैसे निगरानी और अर्ली वार्निंग विमान शामिल हैं. इसके अलावा इसमें आधुनिक रडार और कंट्रोल सिस्टम लगे हैं, जो हवाई गतिविधियों की निगरानी और संचालन में मदद करते हैं.

इससे पहले इस एयरक्राफ्ट कैरियर को यूरोप में तैनात किया जाना था, लेकिन बाद में इसे कैरेबियन सागर की ओर भेज दिया गया था. यह हाल ही में वेनेजुएला से जुड़े एक अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन का भी हिस्सा रहा है. बीते कुछ हफ्तों में अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर, फाइटर जेट और निगरानी विमान भी भेजे हैं.

सीमित कैरियर, इसलिए हर तैनाती का होता है खास मतलब

अमेरिकी नौसेना के पास कुल 11 एयरक्राफ्ट कैरियर हैं. ऐसे में हर कैरियर की तैनाती पहले से तय रणनीति के तहत होती है. जब भी किसी क्षेत्र में एक से ज्यादा कैरियर भेजे जाते हैं, तो इसे बड़े सैन्य संदेश के तौर पर देखा जाता है.

पिछले साल जब ईरान और इज़राइल के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए थे, उस दौरान भी अमेरिका ने क्षेत्र में दो एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात किए थे. मौजूदा हालात में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यह संकेत दे चुके हैं कि अगर ईरान के साथ किसी तरह की कूटनीतिक सहमति नहीं बनती है, तो अमेरिका क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी और बढ़ा सकता है.

अरब सागर में पहले से तैनात है USS अब्राहम लिंकन

मिडिल ईस्ट क्षेत्र में पहले से ही अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln तैनात है. यह अरब सागर में अमेरिकी सेंट्रल कमांड के ऑपरेशनल इलाके में मौजूद है. इसकी स्ट्राइक रेंज में ईरान के कई अहम इलाके आते हैं.

इसके साथ ही अमेरिका ने क्षेत्र में निगरानी विमानों और अन्य सैन्य संसाधनों की तैनाती भी बढ़ाई है. मौजूदा स्थिति में अमेरिका समुद्र और आसमान दोनों रास्तों से ईरान के सैन्य ठिकानों और रणनीतिक केंद्रों पर नजर रखने की स्थिति में माना जा रहा है.

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