एक तरफ बातचीत, दूसरी तरफ 10 हजार सैनिक भेजने की तैयारी... ईरान जंग के बीच क्या खिचड़ी पका रहे ट्रंप?

Middle East War: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. जहां एक ओर उन्होंने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले को 6 अप्रैल तक के लिए टाल दिया है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका, क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 10,000 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती पर विचार कर रहा है.

America is preparing for ground war against Iran donald trump middile east crisis
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Middle East War: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. जहां एक ओर उन्होंने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले को 6 अप्रैल तक के लिए टाल दिया है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका, क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 10,000 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती पर विचार कर रहा है. इस कदम से मध्य-पूर्व में सैन्य गतिविधियों में और इजाफा हो सकता है, लेकिन सवाल यह उठता है कि इसका क्या असर होगा और किस दिशा में यह संघर्ष बढ़ेगा.

अमेरिका की रणनीतिक तैनाती पर विचार

जेरूसलम पोस्ट ने हाल ही में वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि अमेरिका, ईरान के साथ बातचीत के बावजूद, पश्चिम एशिया में 10,000 अतिरिक्त सैनिकों को तैनात करने पर विचार कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा विभाग इस तैनाती का उद्देश्य संभावित संघर्षों के लिए सैन्य विकल्पों को बढ़ाना है. इनमें 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के अलावा, जमीनी सैनिक, पैदल सेना और बख्तरबंद वाहन भी शामिल हो सकते हैं.

कहां होगी सैनिकों की तैनाती?

हालांकि, इस तैनाती को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि 82वीं एयरबोर्न डिवीजन का सीधा संबंध ईरान के रणनीतिक हितों से हो सकता है, खासकर खर्ग द्वीप जैसे अहम स्थानों से. फिर भी, यह स्पष्ट नहीं है कि इन अतिरिक्त सैनिकों को कहां तैनात किया जाएगा. व्हाइट हाउस की उप प्रेस सचिव अन्ना केली ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सभी सैन्य तैनाती संबंधित घोषणाएं युद्ध विभाग द्वारा की जाएंगी और ट्रंप के पास हमेशा सभी सैन्य विकल्प मौजूद रहते हैं.

ऊर्जा ठिकानों पर हमले को टालने का फैसला

इससे पहले, सोमवार को ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले को 27 मार्च तक के लिए टालने की घोषणा की थी. इसके बाद, उन्होंने यह अवधि बढ़ाकर 6 अप्रैल 2026 तक करने का निर्णय लिया. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि यह छूट ईरान की सरकार की गुजारिश पर दी गई है और यह 6 अप्रैल तक लागू रहेगी. हालांकि, इसके बावजूद, अमेरिका और इजरायल की सेनाओं द्वारा ईरान के खिलाफ हमले जारी हैं.

IRGC ने किया हमले का ऐलान

इस बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने शुक्रवार तड़के 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' के तहत अमेरिका और इजरायल के सैन्य ठिकानों पर हमले की घोषणा की है. इस ऑपरेशन में उन्नत मिसाइलों और ड्रोन का उपयोग करते हुए पूरे क्षेत्र में अमेरिका और इजरायल के प्रमुख सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. इससे साफ है कि ईरान इस संघर्ष को और भी तेज करने के लिए तैयार है और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रहेंगे. 

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