नई दिल्ली: देश की सुरक्षा को लेकर सरकार अब किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है. हाल ही में अमेरिकी और यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कर दिया है कि भारत को ट्रांजिट रूट समझने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है.
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर कोई विदेशी नागरिक गलत इरादे से भारत में प्रवेश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी और जेल ही उसका ठिकाना बनेगी.
‘भारत को ट्रांजिट पॉइंट बनाना भी अपराध’
गृह मंत्री ने कहा कि भले ही इन विदेशी नागरिकों से भारत की सुरक्षा को सीधा खतरा नहीं था, लेकिन देश की जमीन का इस्तेमाल किसी भी तरह की संदिग्ध या गैरकानूनी गतिविधि के लिए करना गंभीर अपराध है.
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि भारत को केवल एक ट्रांजिट पॉइंट के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सरकार की नीति इस मामले में पूरी तरह स्पष्ट है—गलत इरादा, तो सीधी कार्रवाई.
NIA की कार्रवाई, कई शहरों से गिरफ्तारी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हाल ही में एक अमेरिकी और छह यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया है. ये गिरफ्तारियां कोलकाता, लखनऊ और दिल्ली से की गईं.
जांच में सामने आया कि ये सभी लोग भारत का इस्तेमाल एक ट्रांजिट रूट के रूप में कर रहे थे और उनका अंतिम लक्ष्य म्यांमार पहुंचना था.
म्यांमार कनेक्शन ने बढ़ाई चिंता
जांच एजेंसियों के मुताबिक, ये विदेशी नागरिक मिजोरम के रास्ते म्यांमार जाने की योजना बना रहे थे. वहां उनका संपर्क विद्रोही गुटों से था, जहां प्रशिक्षण लेने और देने की बात सामने आई है.
इन पर आरोप है कि वे हथियार और ड्रोन सप्लाई जैसे नेटवर्क से जुड़े थे और संवेदनशील गतिविधियों में शामिल थे.
बिना परमिट घुसने की कोशिश
मिजोरम में विदेशी नागरिकों के प्रवेश के लिए ‘एडवांस परमिट’ जरूरी होता है. लेकिन इन लोगों ने यह जरूरी अनुमति नहीं ली थी, जिससे वे सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ गए.
इसी आधार पर उन्हें पकड़ा गया और आगे की जांच में उनके नेटवर्क और गतिविधियों का खुलासा हुआ.
गंभीर धाराओं में केस दर्ज
इन सभी विदेशी नागरिकों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (UAPA) की धारा 18 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
उन पर आतंकी साजिश, प्रतिबंधित क्षेत्रों में अवैध प्रवेश, विद्रोही गुटों से संपर्क और हथियारों से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा होने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. जांच में एके-47 जैसे हथियारों से जुड़े कनेक्शन की भी बात सामने आई है.
क्या भारत को कोई सीधा खतरा था?
गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार इन विदेशी नागरिकों का मुख्य लक्ष्य भारत नहीं, बल्कि म्यांमार था. इसलिए देश को तत्काल कोई सीधा खतरा नहीं था.
लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि भारत की जमीन का इस्तेमाल किसी भी तरह की आतंकी या संदिग्ध गतिविधि के लिए करना अपने आप में गंभीर खतरा माना जाता है, इसलिए कार्रवाई जरूरी थी.
ये भी पढ़ें- IPL 2026: 10 टीम, 12 शहर, 74 मैच... इस आईपीएल सीजन में क्या होगा खास? BCCI ने नियमों में किया बदलाव