Noida International Airport: दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए आज का दिन बेहद खास है. लंबे इंतजार के बाद 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गौतम बुद्ध नगर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यानी जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया.
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस के बाद यह पूरे क्षेत्र का तीसरा बड़ा हवाई अड्डा बन गया है. इससे लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, जो अब तक दिल्ली एयरपोर्ट की भीड़ और ट्रैफिक से परेशान रहते थे.
शुरुआत में ही करोड़ों यात्रियों को सुविधा
जेवर एयरपोर्ट को इस तरह बनाया गया है कि शुरुआत में ही यह हर साल करीब 1.2 करोड़ यात्रियों को संभाल सके. पहले चरण में एक रनवे से उड़ानों की शुरुआत होगी, जहां रोजाना करीब 150 फ्लाइट्स टेकऑफ और लैंड करेंगी.
आने वाले समय में इस प्रोजेक्ट को चार चरणों में विकसित किया जाएगा. योजना के मुताबिक, इसकी क्षमता धीरे-धीरे बढ़ाकर 7 करोड़ यात्रियों तक पहुंचाई जाएगी और साल 2050 तक यह 15 करोड़ से ज्यादा यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा.
वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक तकनीक
करीब 4,700 हेक्टेयर में फैला यह एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स में से एक है. इसकी कुल लागत लगभग 29,000 करोड़ रुपये आंकी गई है.
पहले चरण में 3900 मीटर लंबा रनवे, अत्याधुनिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर और टर्मिनल-1 तैयार किया गया है. यहां लेटेस्ट बैगेज हैंडलिंग सिस्टम और 10 एयरोब्रिज लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों को तेज और आसान सुविधा मिलेगी.
इस एयरपोर्ट की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के पास होगी. यह रनवे बड़े विमानों के लिए भी पूरी तरह उपयुक्त है.
भविष्य में बनेगा मेगा एविएशन हब
आने वाले वर्षों में इस एयरपोर्ट का और विस्तार किया जाएगा. योजना के अनुसार यहां कुल 6 रनवे और 4 टर्मिनल बनाए जाएंगे.
इसके अलावा यहां कार्गो टर्मिनल, विमान रखरखाव (एमआरओ) सुविधा और बड़ा लॉजिस्टिक्स हब भी विकसित किया जाएगा. यह प्रोजेक्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर आधारित है और इसका संचालन ज्यूरिख एयरपोर्ट एजी कंपनी अगले 40 सालों तक करेगी.
इस एयरपोर्ट को ‘नेट-जीरो उत्सर्जन’ वाला पर्यावरण के अनुकूल एयरपोर्ट बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
शानदार कनेक्टिविटी, ट्रैफिक से राहत
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यहां 20 एकड़ में एक बड़ा ग्राउंड ट्रांसपोर्ट सेंटर बनाया गया है.
यह एयरपोर्ट सीधे यमुना एक्सप्रेसवे, नेशनल हाईवे-44 और जेवर-फरीदाबाद एक्सप्रेसवे से जुड़ा हुआ है. इससे दिल्ली, आगरा और एनसीआर के अन्य शहरों से यहां पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा.
भविष्य में इसे दिल्ली मेट्रो और रैपिड रेल नेटवर्क से भी जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रा का समय और कम हो जाएगा.
यात्रियों के लिए हाईटेक और किफायती सुविधाएं
जेवर एयरपोर्ट को यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर पूरी तरह आधुनिक बनाया गया है. यहां कई खास सुविधाएं मिलेंगी—
ये भी पढ़ें- मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत को मिला दोस्त का साथ, 82% बढ़ी रूसी तेल सप्लाई, सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?